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चित्तौड़गढ़ दुर्ग में अवैध होटल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, तड़के चला बुलडोजर

चित्तौड़गढ़
विश्व विरासत में शुमार ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग के भीतर प्रशासन का बुलडोजर चला. फोर्ट के भीतर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने यह कार्रवाई की. यहां पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध 2 मंजिला होटल बनाया जा रहा था. प्रशासन रविवार (14 जून) अलसुबह भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचा और अवैध निर्माण को ढहा दिया. सुबह ठीक 4 बजे, जब पूरा शहरवासी गहरी नींद में थे, तब प्रशासनिक अमला अपने दुर्ग पर पहुंचा. अवैध रूप से बन रही इमारत को जमींदोज करने के लिए 10 जेसीबी, 8 ट्रेक्टर, 3 ब्रेकर मशीनों की मदद ली गई. सुरक्षा के लिहाज से दुर्ग की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया. चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा.

शहर कोतवाली में नामजद मामला भी दर्ज
पिछले दिनों कलेक्ट्रेट में उच्च स्तरीय बैठक में प्लानिंग बनाई गई और आज सुबह एक्शन लिया गया. जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए. कलक्टर के आदेश के बाद पुरातत्व विभाग के अधिकारी ने चित्तौड़गढ़ शहर कोतवाली में एक नामजद मामला भी दर्ज हुआ.

पुरातत्व विभाग की जमीन पर पहली बार ऐसी कार्रवाई
पुरातत्व विभाग के अधिकारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि हमारे संरक्षित क्षेत्र में यह अवैध निर्माण किया गया था. अवैध निर्माण हटाने को लेकर पहले नोटिस भी दिया गया था. जिला प्रशासन के सहयोग से पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण होटल को हटा दिया गया है. राजस्थान में यह अपने आप में पहली ऐसी बड़ी कार्रवाई है, जहां पुरातत्व विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है. अगर ऐसी कार्रवाई होती रही, तो हमारी राष्ट्रीय धरोहरें हमेशा सुरक्षित रहेंगी.

8 से 10 रेस्टोरेंट पर चल सकता है बुलडोजर
प्रशासन की इस बुलडोजर कार्रवाई के बाद दुर्ग क्षेत्र के आसपास हलचल तेज हो गई है. साल 2020 के बाद से चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर करीब 8 से 10 अवैध रेस्टोरेंट और होटलों का निर्माण हुआ है. इन सभी पर कार्रवाई के लिए दिल्ली स्थित आर्कियोलॉजिकल डिपार्टमेंट को पत्र लिखा जा चुका है. जैसे ही वहां से उच्च स्तरीय स्वीकृति मिलेगी, दुर्ग पर बने अन्य अवैध होटलों और रेस्टोरेंट्स पर भी प्रशासन का बुलडोजर चलना तय माना जा रहा है.

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