कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सब इंस्पेक्टर रामनारायण रात्रे के बेटे चंद्रमणि रात्रे उर्फ डब्बू की इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच दिन पहले कथित कबाड़ चोरों द्वारा की गई बेरहमी से मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद से उसका इलाज रायपुर के रामकृष्ण मिशन अस्पताल में चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, चंद्रमणि अपने मित्र अरविंद राठौर के साथ देर रात वाहन से जा रहा था। इसी दौरान कुछ आरोपियों ने उसका पीछा किया और रास्ते में रोककर जमकर मारपीट की। हमले में उसके सिर, सीने, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। मेडिकल जांच और एक्स-रे रिपोर्ट में कई जगह फ्रैक्चर की पुष्टि हुई थी, वहीं अंदरूनी चोटें भी बेहद गंभीर थीं।
घटना के बाद घायल चंद्रमणि को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार उसकी मौत हो गई।
चंद्रमणि की मौत की खबर फैलते ही परिवार में मातम छा गया। समाज और परिजनों में भारी आक्रोश है। समाज के लोगों ने साफ कहा है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते, तब तक मृतक का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
मामले को लेकर पुलिस पर भी दबाव बढ़ गया है। परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और लोग न्याय की मांग को लेकर एकजुट नजर आ रहे हैं।
कोरबा में सनसनी: सब इंस्पेक्टर के बेटे की मौत, चोरों की पिटाई के 5 दिन बाद टूटा दम
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सब इंस्पेक्टर रामनारायण रात्रे के बेटे चंद्रमणि रात्रे उर्फ डब्बू की इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच दिन पहले कथित कबाड़ चोरों द्वारा की गई बेरहमी से मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद से उसका इलाज रायपुर के रामकृष्ण मिशन अस्पताल में चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, चंद्रमणि अपने मित्र अरविंद राठौर के साथ देर रात वाहन से जा रहा था। इसी दौरान कुछ आरोपियों ने उसका पीछा किया और रास्ते में रोककर जमकर मारपीट की। हमले में उसके सिर, सीने, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। मेडिकल जांच और एक्स-रे रिपोर्ट में कई जगह फ्रैक्चर की पुष्टि हुई थी, वहीं अंदरूनी चोटें भी बेहद गंभीर थीं।
घटना के बाद घायल चंद्रमणि को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार उसकी मौत हो गई।
चंद्रमणि की मौत की खबर फैलते ही परिवार में मातम छा गया। समाज और परिजनों में भारी आक्रोश है। समाज के लोगों ने साफ कहा है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते, तब तक मृतक का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
मामले को लेकर पुलिस पर भी दबाव बढ़ गया है। परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और लोग न्याय की मांग को लेकर एकजुट नजर आ रहे हैं।



