रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (1 मई) के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
श्रम विभाग के तहत विभिन्न मंडलों के माध्यम से बीते 2 साल 4 माह में करीब 800 करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में डीबीटी के जरिए हस्तांतरित किए गए हैं। वहीं, अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत इस वर्ष श्रमिकों के 200 बच्चों को निजी उत्कृष्ट स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा।
प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि सरकार की सोच है कि हर हाथ को काम मिले और हर श्रमिक को उसका उचित दाम। श्रमिकों के हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें श्रमिक आवास योजना, श्रम अन्न योजना, छात्रवृत्ति और औजार किट योजना प्रमुख हैं।
सरकार ने श्रमिक आवास की राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी है, वहीं ई-रिक्शा सहायता राशि भी बढ़ाई जा रही है। श्रमिकों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 38 श्रम अन्न केंद्र संचालित हैं, जहां मात्र 5 रुपये में भोजन दिया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से प्रदेश में श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार आया है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मजदूर दिवस के मौके पर यह पहल श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



