नई दिल्ली
भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने फाइनल में बांग्लादेश को हराया और खिताब पर कब्जा जमाया। भारत ने सात सालों से चले आ रहे सूखे को इसी के साथ समाप्त कर दिया। टीम इंडिया फाइनल में पहुंच रही थी लेकिन खिताबी जंग में उन्हें लगातार निराशा मिल रही थी लेकिन इस मुकाबले में भारत ने अंतिम बाधा को भी पार कर लिया।
भारत ने इससे पहले साल 2019 में इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था लेकिन उसके बाद टीम इंडिया खिताब नहीं जीत सकी थी। हालांकि, भारत ने अब इस सूखे को समाप्त कर दिया है और चैंपियन बनी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिला टीम के चैंपियन बनने पर खुशी जताई है और उन्हें बधाई दी है।
मैच में भारत का दबदबा
भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म दिखाई। टीम ने सभी मैच जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया। फाइनल में भी भारत की टीम शुरू से ही आक्रामक रही। बांग्लादेश पिछले दो टूर्नामेंट (2022 और 2024) की चैंपियन थी, लेकिन इस बार उसे खिताब बचाने का मौका नहीं मिला।
प्यारी जक्सा का शानदार खेल
पहले हाफ के अंत में भारत को बढ़त मिली। प्यारी जक्सा ने पेनल्टी एरिया में अच्छा फुटवर्क दिखाया और शॉट मारा। बांग्लादेश की डिफेंडर पर लगे डिफ्लेक्शन के बाद गेंद गोलकीपर के ऊपर से जाल में चली गई लेकिन बांग्लादेश ने हार नहीं मानी। स्टॉपेज टाइम में रितु पूर्णा चकमा ने लेफ्ट साइड से कमजोर शॉट मारकर स्कोर बराबर कर दिया। यह टूर्नामेंट में भारत का पहला और आखिरी गोल था।
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही भारत ने फिर बढ़त बना ली। प्यारी जक्सा ने दाहिनी तरफ से क्रॉस किया, जिसे संफिदा नोंग्रुम ने हेडर से गोल में बदल दिया। गेंद पोस्ट से लगकर अंदर गई। मैच के 82वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी लिंडा कोम सेरतो ने डिफेंस की गलती का फायदा उठाया और गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने खिताब पर कब्जा जमाया।
सात साल का इंतजार खत्म
2019 के बाद भारत दो टूर्नामेंट में फाइनल तक नहीं पहुंच पाया था। इस बार घरेलू मैदान पर टीम ने पूरा जोर लगाया और पुराना गौरव वापस हासिल किया। मनीषा कल्याण समेत कई खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। यह जीत भारतीय महिला फुटबॉल के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगे आने वाले बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयारियां मजबूत होंगी।



