रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। देश की सुरक्षा और नक्सल विरोधी अभियानों में अदम्य साहस का परिचय देने वाले राज्य के तीन वीर जवानों को आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों प्रतिष्ठित ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया जाएगा। इनमें असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू, पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख शामिल हैं।
मणिपुर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान असाधारण वीरता दिखाने वाले भोजराम साहू ने गोली लगने के बावजूद मोर्चा नहीं छोड़ा और आतंकियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। उनकी बहादुरी के चलते तीन आतंकियों को ढेर किया गया था।
वहीं छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में वर्षों से मोर्चा संभाल रहे निरीक्षक लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख को भी उनकी बहादुरी और सफल अभियानों के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। दोनों अधिकारियों ने बस्तर और कांकेर के दुर्गम जंगलों में कई बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशनों का नेतृत्व किया है।
16 अप्रैल 2024 को कांकेर के हापाटोला जंगल में हुए ऐतिहासिक ऑपरेशन में दोनों अधिकारियों की अहम भूमिका रही थी, जिसमें 15 महिला नक्सलियों समेत कुल 29 नक्सली मारे गए थे। इस अभियान को छत्तीसगढ़ के सबसे सफल नक्सल विरोधी अभियानों में गिना जाता है।
लक्ष्मण केवट को पहले भी कई राष्ट्रपति पुलिस पदक और वीरता सम्मान मिल चुके हैं, जबकि रामेश्वर देशमुख को भी उत्कृष्ट सेवा और साहस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए यह सम्मान गर्व और प्रेरणा का विषय माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ी के जवानों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करेगा।



