छत्तीसगढ़

कौन है आईपीएस राहुल भगत? सराहनीय सेवा पदक से होंगे सम्मानित, जानें जीवन परिचय..

राहुल भगत छत्तीसगढ़ कैडर के 2005 बैच के आईपीएस है। वे मूलतः झारखंड के रहने वाले है। राहुल भगत छत्तीसगढ़ में सबसे पहले नारायणपुर जिले के एसपी बने, जिसके बाद कांकेर, रायगढ़ और कवर्धा के एसपी रह चुके हैं। स्पेशल टास्क फोर्स के एसपी भी रह चुके हैं। विष्णुदेव साय जब 2014 में रायगढ़ के सांसद बने उस दौरान राहुल भगत रायगढ़ के एसपी थे। अभी राहुल भगत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सचिव हैं। राहुल भगत ऐसे आईपीएस है जिन्हें प्रदेश में पहली बार आईपीएस होने के बावजूद भी मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है।

जन्म और शिक्षा:–

आईपीएस राहुल भगत का जन्म 15 अक्टूबर 1974 को हुआ है। उन्होंने पीजीडीएम मार्केटिंग एंड टेलीकॉम की डिग्री ली है। राहुल भगत ने 2004 यूपीएससी निकालकर 22 अगस्त 2005 को आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की। बेहद साफ सुथरी छवि के माने जाने वाले आईपीएस राहुल भगत छत्तीसगढ़ में सबसे पहले नारायणपुर जिले के एसपी बने।

विष्णुदेव साय के केंद्रीय इस्पात खान एवं श्रम व रोजगार राज्य मंत्री बनने पर साय ने राहुल भगत को अपने साथ प्रतिनियुक्ति पर बुला लिया। कवर्धा के एसपी रहने के दौरान 2016 में डेपुटेशन पर इस्पात मंत्री विष्णुदेव साय के पर्सनल सेकेट्री बन कर राहुल भगत दिल्ली चले गए। राहुल भगत प्रदेश के पहले ऐसे आईपीएस हैं जिन्हें पुलिस विभाग से संबद्ध विभागों से बाहर के विभाग में डेपुटेशन मिली। केंद्रीय राज्यमंत्री रहने के दौरान विष्णुदेव साय के पीएस वे रहे थे। राहुल भगत भारत सरकार में श्रम एवं रोजगार विभाग में निदेशक बनाया गया था। विष्णुदेव साय के मंत्री पद से हटने के बाद राहुल लेबर विभाग में डायरेक्टर बन गए थे। आमतौर पर डायरेक्टर के पद पर आईएएस की नियुक्ति होती है पर राहुल के काम की वजह से उन्हें डायरेक्टर के पद पर जवाबदारी मिली।

डेपुटेशन से वापस लौटने के बाद राहुल भगत कुछ दिनों तक पुलिस मुख्यालय में पदस्थ रहे। फिर वे नवगठित पुलिस रेंज राजनांदगांव के पहले आईजी बने। उसके बाद भगत को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सचिव नियुक्त किया गया।

 

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