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बारिश का कहरः पत्थर खदान ढहने से 13 लोगों की मौत..कई लापता, सीएम विष्णुदेव साय ने जताया दुःख..

आइजोल/रायपुर। मिजोरम की राजधानी आइजोल में पत्थर खदान के ढहने से 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता हैं। इस दुखद घटना पर सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर लिखा- मिजोरम की राजधानी आइजोल में पत्थर खदान के ढहने से 13 लोगों के निधन की दुःखद खबर मिली है। हादसे में कई लोग लापता हैं।

ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूँ।

प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। बारिश की वजह से आज सुबह 6 बजे मिजोरम की राजधानी आइजोल में पत्थर की खदान ढह गई। घटना में 13 लोगों के शव निकाले गये है। मृतकों में सात स्थानीय और बाकी मृतक दूसरे राज्यों के बताये जा रहे हैं। कई लोगों के दबे होने की भी जानकारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन तेज बारिश के कारण इसमें दिक्कतें आ रही हैं।

बताया जा रहा है कि घटना आज सुबह करीब छह बजे की है। लगातार बारिश के कारण मिजोरम के सभी स्कूल और सरकारी दफ्तर आज बंद कर दिए गए हैं। प्राइवेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों से घर से काम करवाने के लिए कहा गया है। राज्य में कई और जगह भी लैंडस्लाइड हुए हैं। आइजोल के सलेम वेंग में लैंडस्लाइड के बाद एक इमारत पानी के साथ बह गई, जिसके बाद तीन लोग लापता हैं। हुनथर में नेशनल हाईवे-6 पर लैंडस्लाइड के कारण आइजोल देश के बाकी हिस्सों से कट गया है। मौसम विभाग ने आज से लेकर कल तक यहां पर भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने कहा, अगले 5 दिनों के दौरान केरल में मानसून की शुरुआत के लिए परिस्थितियाँ अब अनुकूल हैं। बांग्लादेश के ऊपर बना गहरा डिप्रेशन (चक्रवाती तूफान रेमल के अवशेष) पूर्व उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ गया है। पूर्वी बांग्लादेश के ऊपर अक्षांश 24.4 उत्तर और देशांतर 91.1 पूर्व ऊपर एक डिप्रेशन के रूप में बना हुआ है, यह सिलचर (असम) से लगभग 170 किमी पश्चिम दक्षिण-पश्चिम में, मोंगला (बांग्लादेश) के 260 किमी उत्तर-पूर्व , श्रीमंगल (बांग्लादेश) से 60 किमी पश्चिम दक्षिण पश्चिम, और ढाका (बांग्लादेश) से 100 किमी उत्तरपूर्व में बना हुआ है।

इस सिस्टम के 28 मई की शाम तक पूर्व उत्तर पूर्व दिशा क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावना है। उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।उत्तर पूर्वी राजस्थान पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा पूर्वोत्तर राजस्थान के ऊपर बने हुए चक्रवाती परिसंचरण से होते हुए निचले स्तर पर मध्य प्रदेश से होते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है। 30 मई से एक ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत की ओर आ सकता है।

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