राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम बरगा के पास दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए ओवरब्रिज में पहली ही बारिश के बाद दरारें दिखाई देने लगी हैं। जून माह में उद्घाटन किए गए इस पुल में कुछ ही सप्ताह बाद आई दरारों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ओवरब्रिज बीच से दो हिस्सों में बंटता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे कभी भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। यह पुल आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में पुल की मौजूदा स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों ने पुल की तत्काल तकनीकी जांच कराने, निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। पहली ही बारिश में पुल का दरकना सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
इधर, आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां कुछ स्थानों पर सड़क के नीचे गड्ढे बनने लगे हैं और किनारों का हिस्सा बैठ गया है। लोगों का सवाल है कि यदि पहली बारिश में ही यह हाल है, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
हालांकि, रेलवे और निर्माण एजेंसी की ओर से प्रभावित हिस्सों में मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। रेलवे इंजीनियर का कहना है कि दरारों के कारणों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। उनके अनुसार, पहली बारिश में हल्का सेटलमेंट होना सामान्य प्रक्रिया है, फिर भी विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की जांच करेगी।



