छत्तीसगढ़

खेत की घेराबंदी बनी मौत का कारण: करंट की चपेट में आने से मां और दो बेटों की दर्दनाक मौत, गांव में मातम..

बिलासपुर/तखतपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भाड़म में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। खेत की घेराबंदी के दौरान करंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों—मां और उसके दो बेटों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, दसन बाई सिंगरौल शुक्रवार सुबह अपने खेत में मवेशियों के प्रवेश को रोकने के लिए जीआई (GI) तार और नायलॉन रस्सी से घेराबंदी कर रही थीं। उनके साथ उनके दोनों बेटे विवेक सिंगरौल (23 वर्ष) और सत्यव्रत सिंगरौल (14 वर्ष) भी मौजूद थे। इसी दौरान तीनों अचानक करंट की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

मृतका के पति सीताराम सिंगरौल, जो पेशे से चालक हैं, शाम को घर लौटे तो पत्नी और दोनों बेटे घर पर नहीं मिले। काफी तलाश के बाद जब वे खेत पहुंचे तो वहां तीनों के शव पड़े मिले। यह हृदयविदारक दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल कोटा थाना पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। देर शाम होने के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शनिवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।

प्रारंभिक जांच में मौत का कारण करंट लगना सामने आया है। हालांकि खेत की घेराबंदी के दौरान बिजली का करंट कैसे प्रवाहित हुआ और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसका पता पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से ग्राम भाड़म में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

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