
नारायणपुर
नारायणपुर में अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। 5 हजार जवानों की तैनाती की गई है। 35 से 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
नारायणपुर जिला मुख्यालय के शांति नगर में स्थित एक चर्च के पास्टर ने बताया कि सोमवार को मैं घर पर नहीं था। जब शाम के समय घर पहुंचा तो घर के मेन गेट का कुंडा टूटा हुआ था। सामान बिखरे पड़े थे। पत्नी और बच्ची घर पर थीं जो डरी हुईं थीं। जब उनसे पूछा तो उन्होंने बताया कि, हाथों में लाठी लेकर भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। अचानक घर में घुसे। सामान को तोड़ा।

जो लोग घर में आए थे उनमें से कुछ लोगों ने कपड़े खींचकर बाहर निकाला। बेटी डर गई थी। पलंग के नीचे छिपी गई थी। कुछ युवकों ने घसीटकर बेटी को भी बाहर निकाला। बेटी की उम्र करीब 16 साल है। फिर दोनों को एक-एक डंडा मारा गया। दोनों के साथ छेड़छाड़ जैसी वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना के बाद परिवार डरा हुआ है।

बैजनाथ ने बताया कि, मेरे बड़े पिता के बेटे रूपसिंह सलाम मेरे भाई हैं। वे भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं। मुझे सुनने में आया था कि, नारायणपुर में चर्च में तोड़फोड़ की घटना में वे भी शामिल थे। हालांकि, मेरे घर में जो बवाल हुआ उसमें वे नहीं थे। मैं उनके परिवार का सदस्य हूं। उसके बाद भी मेरे परिवार के साथ कुछ लोगों ने बदसलूकी की है।

शांति नगर में स्थित चर्च में भी तोड़फोड़ किए। चर्च में रखी पेटी, सीमेंट की छत, ढोलक, समेत विभिन्न सामानों को भी तोड़ा गया। पूरे सामान को तहस-नहस कर दिया गया। पास्टर बैजनाथ सलाम का कहना है कि, जिस चर्च में तोड़फोड़ की गई है, मैं उसी चर्च में पास्टर हूं। यहां लोग प्रार्थना करने के लिए आते थे। उन्होंने कहा कि, जिन लोगों ने चर्च में तोड़फोड़ की वे कौन लोग थे? ये हम नहीं जानते। बस उस दिन हम उनके हाथ लग जाते तो हमारे साथ बहुत बुरा होता।

इस संबंध में नारायणपुर के ASP हेमसागर सिदार ने बताया कि, पास्टर और उसके परिवार की तरफ से अब तक मामले में कोई भी शिकायत थाने में दर्ज नहीं करवाई गई है। साथ ही शहर के चर्च में हुई तोड़ फोड़ की घटना में जो लोग शामिल थे उनमें से कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जब हम शहर के एक चर्च में पहुंचे तो यहां चारों तरफ कांच बिखरा हुआ था। खिड़कियां टूटी हुईं थी। दरवाजे टूटे हुए थे। मसीह समाज के धार्मिक ग्रंथ, फोटो और मूर्तियों के साथ भी तोड़-फोड़ की गई थी। चर्च के अंदर कुर्सियां, टेबल, माइक सिस्टम समेत अन्य सामान तहस-नहस थे। डर की वजह से दिन में मसीह समाज के सदस्य चर्च के अंदर तक नहीं आए। लेकिन, जब हम चर्च पहुंचे तो हमें देख कर पीछे की तरफ से कुछ लोग पहुंचे।

शहर के शांति नगर वार्ड और बंगलापारा वार्ड इन दोनों वार्डों में चप्पे-चप्पे में जवानों को तैनात किया गया था। हमें ऐसी सूचना मिली थी कि इन इलाकों में रात में उपद्रवी घुस गए हैं। हम भी पहुंचे। सड़कें वीरान थी। यहां पुलिस की पेट्रोलिंग वाहन भी घूम रही थी। रात में कुछ लोगों को पकड़ा भी गया है।




