छत्तीसगढ़

सूदखोरों से तंग आकर इंजीनियर ने की आत्महत्या..कांग्रेस पार्षद-सरपंच के खिलाफ FIR दर्ज..SP के नाम लिखा सुसाइड नोट..

बिलासपुर

सूदखोरों से तंग आकर इंजीनियर ने जहर खाकर की आत्महत्या कर ली थी. तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. एसपी के नाम लिखें  सुसाइड नोट में बया की प्रताड़ना, पार्षद, सरपंच एवं  कांग्रेस समेत तीन लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है. सकरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया. तीनों आरोपी फरार हैं. तानों फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है.

जानकारी के अनुसार,  सूदखोर कांग्रेस पार्षद अमित भारते, हांफ़ा सरपंच संदीप मिश्रा समेत तीन के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है. कर्ज के एवज में कई गुना रकम वसूली की गई है. 16 सितम्बर को ऋषभ निगम ने आत्महत्या की थी. परिजनों ने सुसाइड नोट के आधार पर SP से कार्रवाई की मांग की. सुसाइड नोट और पोस्ट मार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की गई.

इंजीनियर ने पुलिस अधीक्षक के नाम लिखा सुसाइड नोट

आत्महत्या करने से पहले इंजीनियर ऋषभ ने 15 सितंबर को पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के नाम छह पन्ने का सुसाइड नोट लिखा था, जिसे पुलिस ने जब्त किया है। उन्होंने लिखा है कि जितेंद्र मिश्रा से चार लाख रुपए उधार लिए थे। इसके एवज में जितेंद्र हर सप्ताह 40 हजार रुपए ब्याज वसूलता था। इसके अलावा ऋषभ ने कांग्रेस नेता और वार्ड नंबर एक के पार्षद अमित भारते से भी अलग-अलग किश्तों में चार लाख रुपए उधार लिए थे। पार्षद ने उससे तीन लाख रुपए प्रतिमाह 10 प्रतिशत ब्याज में दिया था। इसी तरह एक लाख का हर दिन 10 प्रतिशत ब्याज वसूलता था। ब्याज की रकम नहीं दे पाने पर उसने इंजीनियर की दुकान से इलेक्ट्रानिक सामान भी लिया। इसी तरह वह दुकान से सामान उठाकर ले जाता था। हांफा के सरपंच संदीप मिश्रा से दो लाख रुपए उधार लिया था। इसका हर महीने 10 प्रतिशत ब्याज देता। तीनों ने उनके नाम पर लोन में सामान भी लिए हैं। बाद में उन्होंने उनकी कार को भी बिक्रीनामा करा लिया और ब्याज में रकम काट लिया।

इंजीनियर ने अपने सुसाइड नोट में बताया कि वह सूदखोरों को ब्याज देकर परेशान हो गया था। ब्याज नहीं दे पाने पर सूदखोरों ने उनकी पत्नी के जेवर गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रखवा दिए। वहीं, दोनों के नाम पर महंगी घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस करवा कर लिया है। इसके बाद भी वे पति-पत्नी को परेशान करते थे।

इंजीनियर की मौत और सुसाइड नोट सामने आने के बाद SSP पारुल माथुर ने ऐसे केस को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सभी थानेदारों को सूदखोरी की शिकायत पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, बिलासपुर पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट में सूदखोरों से परेशान लोगों को डरने के बजाए संबंधित थाने में शिकायत करने की अपील की गई है।

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