नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में जल जीवन मिशन से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत महोरा के आश्रित गांव कचोरा में अब सभी 24 परिवारों के घरों तक नल से शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। इससे ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पानी लाने के लिए होने वाली रोजाना की परेशानी से राहत मिली है।
पाइपलाइन और सोलर टंकियों से घर-घर पहुंचा पानी
मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर इस गांव में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ग्रामीणों को पेयजल जुटाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती थी। समस्या के समाधान के लिए जल जीवन मिशन के तहत गांव में लगभग 2,084 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई। इसके साथ ही 10 हजार लीटर क्षमता वाली दो सोलर आधारित पानी की टंकियों का निर्माण किया गया।
इन व्यवस्थाओं के बाद गांव के शत-प्रतिशत यानी सभी 24 परिवारों को घर पर ही नल से पानी मिलने लगा है। इससे ग्रामीणों के समय और श्रम की बचत हो रही है और दैनिक जीवन पहले की तुलना में आसान हुआ है।
‘हर घर जल उत्सव’ में लिया जल संरक्षण का संकल्प
योजना पूरी होने के बाद गांव में उत्साह के साथ ‘हर घर जल उत्सव’ मनाया गया। इस दौरान आयोजित ग्रामसभा में ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों ने जल स्रोतों का संरक्षण करने, स्वच्छता बनाए रखने और पानी की प्रत्येक बूंद को सहेजने का संकल्प लिया।
ग्रामीणों को जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक सुचारू बनाए रखने के लिए पानी का जिम्मेदारी से उपयोग करने और जल स्रोतों के रखरखाव के महत्व की जानकारी भी दी गई।
जनभागीदारी से होगा योजना का रखरखाव
गांव में जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इनमें पंप का संचालन एवं रखरखाव, जल गुणवत्ता की जांच, निगरानी और प्रबंधन जैसे कार्य शामिल हैं।
ग्राम कचोरा में जल जीवन मिशन की सफलता दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं और जनभागीदारी के संयुक्त प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं। घर-घर नल से जल मिलने से ग्रामीणों के जीवनस्तर में सुधार के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



