बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में सोमवार का दिन सड़क हादसों के नाम रहा। राज्य के अलग-अलग जिलों में हुए भीषण दुर्घटनाओं में कुल 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। कोरबा और बिलासपुर में हुए हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
केस 1: चलती ट्रक में घुसी कार, मां-बेटे-नाती की मौत
कोरबा जिले में चांपा-फरसवानी रोड पर देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। चौथिया कार्यक्रम से लौट रहा सोनी परिवार हादसे का शिकार हो गया। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर चलती ट्रक में जा घुसी।
इस हादसे में मोंगरा सोनी (45), देवेंद्र सोनी (22) और ढाई साल के प्रियांश की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
केस 2: सिम्स डॉक्टर की कार ने ऑटो को मारी टक्कर
बिलासपुर के लालखदान ओवरब्रिज के पास एक और हादसा हुआ, जहां सिम्स मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर को झपकी आने के कारण उनकी कार अनियंत्रित हो गई और पहले एक वाहन से टकराकर ऑटो से जा भिड़ी।
इस हादसे में बीरस बाई डहरिया (50) की मौत हो गई, जबकि ऑटो चालक समेत 4 लोग घायल हो गए। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
केस 3: बारातियों से भरी स्कॉर्पियो पलटी
कोटा से मुंगेली जा रही बारातियों से भरी स्कॉर्पियो नगचुई के पास हादसे का शिकार हो गई। अचानक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में गाड़ी अनियंत्रित होकर कई बार पलट गई।
इस हादसे में सुशीला मानिकपुरी की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं।
केस 4: पिकअप पलटी, एक की मौत
सीपत क्षेत्र में बारातियों से भरी तेज रफ्तार पिकअप मोड़ पर पलट गई। हादसे में राम झूल सिंह (40) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए।
केस 5: कार ने बाइक को मारी टक्कर
मस्तूरी क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे गौतम यादव (24) की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
लगातार बढ़ रहे हादसे, सुरक्षा पर सवाल
राज्य में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और ओवरलोडिंग इन घटनाओं के मुख्य कारण बनकर सामने आ रहे हैं।




