रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार से जुड़ी व्यवस्था में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। शराब घोटाले के बाद अब छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में एक और बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। इस बार मामला ओवरटाइम भुगतान के नाम पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी का है। आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 115 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि शराब दुकानों में अतिरिक्त शिफ्ट का रिकॉर्ड तैयार किया गया, लेकिन असल में काम करने वाले कर्मचारियों को उसका भुगतान नहीं किया गया। यह राशि मैनपावर एजेंसियों के जरिए निकालकर कथित तौर पर अधिकारियों और अन्य लोगों के बीच बांट दी गई।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं। जो कंपनी के खाते से रकम निकालकर आगे पहुंचाने की भूमिका निभा रहे थे। अदालत ने दोनों को 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
इस पूरे मामले की कड़ी तब जुड़ी जब प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में लाखों रुपए नकद बरामद हुए। जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि यह पैसा कर्मचारियों के ओवरटाइम से जुड़ा हुआ था।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने अतिरिक्त काम के एवज में बड़ी रकम स्वीकृत की थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ कर्मचारियों तक नहीं पहुंचा। अब एजेंसियां बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल रिकॉर्ड और जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं।



