रायपुर। रायपुर में चर्चित ₹600 करोड़ से अधिक के रीएजेंट घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायालय में चार आरोपियों के खिलाफ करीब साढ़े तीन हजार पन्नों का पूरक चालान पेश किया है।
जिन आरोपियों के खिलाफ यह चालान पेश किया गया है, उनमें हरियाणा के पंचकुला स्थित कंपनी के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, रायपुर के श्री शारदा इंडस्ट्रीज के प्रोप्राइटर राकेश जैन, रिकार्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स से जुड़े लाइजनर प्रिंस जैन और नवी मुंबई की डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा शामिल हैं।
इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है। अब तक इस घोटाले में कुल 10 लोगों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया जा चुका है।
जांच में सामने आया है कि “हमर लैब” योजना के तहत मेडिकल उपकरण और रीएजेंट्स की खरीदी में पूल टेंडरिंग के जरिए गड़बड़ी की गई। आरोप है कि मोक्षित कॉर्पोरेशन को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
इसके अलावा, जांच एजेंसी को कार्टेलाइजेशन के भी सबूत मिले हैं, जिसमें प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने आपसी सांठगांठ कर निविदा प्रक्रिया को प्रभावित किया। तीनों फर्मों द्वारा भरे गए टेंडर में उत्पाद, पैक-साइज और दरों का पैटर्न लगभग समान पाया गया, जिससे पूरे मामले में मिलीभगत की पुष्टि होती है।



