रायपुर। कमिश्नरेट पुलिस ने आईपीएल ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कोलकाता और हरियाणा में दबिश देकर 5 बड़े पैनल नेटवर्क ध्वस्त किए हैं और 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 17 लाख रुपये नकद, चारपहिया वाहन, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, शहर के बड़े सट्टा संचालक मिलकर देश के विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा चला रहे थे। सूचना मिलने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और पुलिस की संयुक्त टीम ने 72 घंटे तक लगातार ऑपरेशन चलाकर कार्रवाई की।
जांच में सामने आया कि अलग-अलग गिरोह ऑनलाइन बेटिंग पैनल के जरिए करोड़ों रुपये का सट्टा संचालित कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान मंजीत सिंह एवं मोहित सोमानी ग्रुप, बाबू खेमानी ग्रुप, नमन जग्गी-आयुष जैन ग्रुप, अमित जंघेल ग्रुप, सोनू फतनानी ग्रुप, अमन नत्थानी ग्रुप समेत कई नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया।
कोलकाता और गुरुग्राम में रेड
थाना तेलीबांधा प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी नमन जग्गी और उसके साथी कोलकाता में पैनल बैठाकर सट्टा संचालित कर रहे हैं। पुलिस टीम ने कोलकाता में रेड मारकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 8 लाख रुपये नकद, 35 मोबाइल फोन तथा 2 लैपटॉप बरामद किए।
वहीं न्यू राजेंद्र नगर प्रकरण में पूछताछ के बाद हरियाणा के गुरुग्राम में दबिश दी गई, जहां से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 14 मोबाइल और 2 लैपटॉप जब्त किए गए।
तिल्दा और रायपुर में भी कार्रवाई
जांच के दौरान तिल्दा में “NASEEB Book” नामक पैनल संचालित होने की जानकारी मिली। पुलिस ने तिल्दा नेवरा में कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 9.92 लाख रुपये जब्त किए।
इसके अलावा मौदहापारा क्षेत्र में भी ऑनलाइन सट्टा संचालन करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी अमित जंघेल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी गोवा और श्रीनगर से ऑनलाइन पैनल ऑपरेट कर रहा था।
करोड़ों की संपत्ति पहले ही अटैच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले 13 सट्टा पैनलों को ध्वस्त कर करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति अटैच की जा चुकी है। इस पूरे नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब मुख्य सरगनाओं और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।



