पटना
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में अगर सामान्य या ओबीसी श्रेणी का बिहारी उम्मीदवार ऑल इंडिया टॉप भी कर ले, तो उसे 2027 में गृह राज्य (बिहार) का कैडर नहीं मिलेगा। भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय ने बिहार सरकार को 2025 बैच के आईएएस अफसरों का ‘सोशल पैटर्न’ भेजा है। इसके अनुसार, 2025 बैच में ईडब्ल्यूएस-जनरल और ओबीसी कैटेगरी के लिए ‘इनसाइडर वैकेंसी’ (गृह राज्य का कोटा) शून्य कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि अप्रैल-मई 2027 में जब 2025 बैच के आईएएस अफसर बिहार में फील्ड पोस्टिंग पर उतरेंगे, तो उनमें सामान्य और ओबीसी वर्ग का कोई भी स्थानीय बिहारी नहीं होगा। सामान्य श्रेणी से 2 और ओबीसी से 3 अफसर बिहार आएंगे, लेकिन ये सभी बाहरी राज्यों के मूल निवासी होंगे। वहीं, अनुसूचित जाति से 2 और अनुसूचित जनजाति से 1 अफसर बिहार के ही (इनसाइडर) होंगे। लगातार घट रही ‘इनसाइडर वैकेंसी’ से बिहार की नौकरशाही का ‘लोकल कनेक्शन’ काफी हद तक टूट जाएगा।
अफसरों की संख्या भी घट रही
आईएएस अफसरों के 2021 से 2025 तक के पांच बैच में से चार बैच (2021, 2022, 2023 और 2025) में ‘जनरल कैटेगरी’ से किसी को होम कैडर नहीं मिला है। ओबीसी वर्ग की बात करें तो 2020 बैच में एक, 2022 में दो और 2023 में एक बिहारी आईएएस को होम कैडर मिला। 2021 और 2025 में यह संख्या जीरो रही। बिहार आने वाले अफसरों की कुल संख्या भी घट रही है। 2022 और 2023 बैच में 11-11 अफसर मिले, 2024 बैच में 10 मिले और 2025 बैच में केवल 9 अफसर ही मिलेंगे।
2025 बैच (जो 2027 में बिहार आएंगे) का गणित
● कुल नए आईएएस अफसर आएंगे : 9
● जनरल (अनारक्षित): 2 अफसर (दोनों बाहरी राज्यों के)
● ओबीसी: 3 अफसर (तीनों बाहरी राज्यों के)
● अनुसूचित जाति: 2 अफसर (दोनों बिहार के स्थानीय निवासी)
● अनुसूचित जनजाति: 1 अफसर (बिहार का स्थानीय निवासी)
बीपीएससी 72वीं प्रारंभिक परीक्षा फिलहाल स्थगित
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 26 जुलाई 2026 को होने वाली 72वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। हालांकि स्थगित करने का कारण नहीं बताया गया है। इस बाबत बिहार लोक सेवा आयोग ने बताया कि परीक्षा की नई तिथि की सूचना बाद में दी जाएगी। अभ्यर्थी बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें। यूपीएससी में बिहारियों को टॉप करने भी अब नहीं मिलेगा बिहार कैडर, शून्य हो गई 'इनसाइडर वैकेंसी'



