रायपुर। भारतमाला प्रोजेक्ट सड़क के लिए रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर भूमि अधिग्रहण मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार एक्शन लिया जा रहा है। 29 दिसंबर की सुबह ईडी की टीम ने रायपुर और महासमुंद जिले में एक साथ 9 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई के लिए भूमि अधिग्रहण में हुए मुआवजा घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है।
भारतमाला परियोजना क्या है?
भारतमाला परियोजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी सड़क और राजमार्ग परियोजना है, जिसे 2017 में शुरू किया गया था। इस परियोजना के तहत 26,000 किलोमीटर लंबे आर्थिक गलियारों के विकास की परिकल्पना की गई है। इसके अंतर्गत आर्थिक कॉरिडोर, फीडर कॉरिडोर और इंटर कॉरिडोर, राष्ट्रीय कॉरिडोर, तटवर्ती सड़कें, बंदरगाह संपर्क सड़कें आदि का निर्माण किया जाएगा। राजधानी रायपुर से विशाखपट्टनम तक 950 कि.मी. सड़क निर्माण किया जा रहा है।
ईडी की टीम ने रायपुर स्थित लॉ-विस्टा सोसाइटी में रहने वाले हरमीत सिंह खनूजा के आवास पर दबिश दी है। इसके अलावा उनके सहयोगियों, संबंधित सरकारी अधिकारीयों और जमीन मालिकों से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं महासमुंद जिले के मेघ बसंत क्षेत्र में सुबह करीब 6 बजे ईडी की दो गाड़ियां पहुंचीं, जहां व्यवसायी जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर छापेमारी शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।



