रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव में लापरवाही के मामलों पर लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई की है। वहीं, गृह निर्माण मंडल की OTS-2 योजना के तहत अब तक 1,659 संपत्तियों की बिक्री हो चुकी है। इसके अलावा बस्तर नगर पंचायत की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए 57.71 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है।
शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क के निर्माण में लापरवाही पर नोटिस
लोक निर्माण विभाग ने शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क के अधूरे और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों तथा उखड़ी सड़क को लेकर दो ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों के निरीक्षण और जांच में सड़क निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव, सुरक्षा और निर्धारित मानकों से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।
दोनों ठेकेदारों को 15 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क अभी परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है। इसी सड़क के खराब रखरखाव और निर्माण के बाद सतह को हुए नुकसान के मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बालोद के छह उप अभियंताओं को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें तीन दिनों में अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
OTS-2 योजना में 62.5 प्रतिशत संपत्तियों की बिक्री
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 (OTS-2) के अंतर्गत अब तक 251.71 करोड़ रुपये मूल्य की 1,659 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां बेची जा चुकी हैं। योजना में कुल 2,656 संपत्तियां शामिल थीं, जिनमें से 997 संपत्तियां अभी बिक्री के लिए शेष हैं। इनका कुल मूल्य 134.40 करोड़ रुपये बताया गया है।
योजना के अंतर्गत पात्र संपत्तियों की खरीद पर निर्धारित शर्तों के अनुसार 10 से 30 प्रतिशत तक छूट का लाभ मार्च 2027 तक मिल सकता है। संपत्तियां रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी, राजनांदगांव, रायगढ़, जशपुर, कोंडागांव, कोरिया, कोरबा और दंतेवाड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध हैं।
मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने योजना की समीक्षा करते हुए शेष संपत्तियों में लिफ्ट, मरम्मत, रखरखाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। योजना के प्रचार-प्रसार और संभावित खरीदारों को संपत्तियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराने के लिए रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग में आवास रथ शुरू करने की भी तैयारी है।
बस्तर में 57.71 करोड़ रुपये से सुधरेगी पेयजल व्यवस्था
बस्तर नगर पंचायत में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए अमृत मिशन 2.0 के तहत 57 करोड़ 71 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। योजना पूरी होने के बाद प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल की उपलब्धता मौजूदा 65 लीटर से बढ़कर 135 लीटर हो जाएगी।
परियोजना के अंतर्गत मारकंडी नदी के चपका एनीकट में इंटेकवेल बनाया जाएगा। नदी से पानी पाइपलाइन के जरिए जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा, जहां शुद्धिकरण के बाद शहर में इसकी आपूर्ति की जाएगी।
योजना में तीन एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र, 500 किलोलीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार, लगभग 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 2,700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन शामिल हैं। इसे जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वीकृत राशि में पांच वर्षों तक संचालन एवं संधारण का प्रावधान भी शामिल है।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 से बस्तर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और प्रत्येक परिवार तक पर्याप्त स्वच्छ पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने परियोजना के निर्माण में तकनीकी मानकों, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इन तीनों मामलों में सड़क निर्माण की गुणवत्ता, रियायती दरों पर संपत्तियों की उपलब्धता और शहरों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कदम सामने आए हैं।



