छत्तीसगढ़

सेवा के 25 वर्ष: जनकल्याण और सुशासन की प्रेरक यात्रा, छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान का समापन आज..

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान का आज औपचारिक समापन हो रहा है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने विशेष लेख के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी की सेवा यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं और सुशासन के प्रयासों को राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का सर्वोच्च संस्कार है, जो समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

राजेश अग्रवाल ने अपने लेख में कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जनसेवा की जिम्मेदारी संभालने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी की यात्रा विकास, दृढ़ संकल्प और जनविश्वास का उदाहरण रही है। उनके नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी पहलों के माध्यम से गरीबों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया। वहीं जनधन योजना, डिजिटल इंडिया, किसान सम्मान निधि, मुद्रा योजना और कौशल विकास जैसी पहलों ने वित्तीय समावेशन, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसरों को बढ़ावा दिया।

लेख में भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण का भी उल्लेख किया गया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रमुख तीर्थस्थलों के विकास को सांस्कृतिक गौरव के साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़कर देखा गया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पर्यटन, जनजातीय संस्कृति, धार्मिक स्थलों और स्थानीय कलाकारों एवं शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयास कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत 12 प्रमुख पहलों के माध्यम से जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा सेतु अभियान’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी गतिविधियों के जरिए स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, महिला सशक्तिकरण, नवाचार और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

राजेश अग्रवाल ने नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, कलाकारों और सामाजिक संगठनों से सेवा भावना को निरंतर आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभियान का समापन सेवा भावना का अंत नहीं, बल्कि नए संकल्पों की शुरुआत है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बेटियों की शिक्षा, जरूरतमंदों की सहायता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक सद्भाव को जीवन का हिस्सा बनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।

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