दुर्ग। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए। बैठक में मूलभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, राजस्व प्रकरणों और नशे के खिलाफ कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।
नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
नारकोटिक्स नियंत्रण की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने, तस्करी नेटवर्क की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने तथा टोल-फ्री नंबर 1933 का प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष एनडीपीएस के तहत 107 कार्रवाई की गई थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 157 हो गई है। इसी तरह गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 262 से बढ़कर 330 हो गई है।
मादक पदार्थों की जब्ती का मूल्य भी पिछले वर्ष के 1.40 करोड़ रुपये से बढ़कर इस वर्ष 10.88 करोड़ रुपये हो गया है। पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। भिलाई-दुर्ग के कुछ मोहल्लों और कुम्हारी के संवेदनशील इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है।
नशामुक्ति के लिए चलेंगे जागरूकता अभियान
प्रभारी सचिव ने पेंटिंग प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक और अन्य जनभागीदारी गतिविधियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार, पुनर्वास और समय पर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
आवास और राजस्व प्रकरणों का जल्द होगा निराकरण
सोनमणि बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने और पात्र हितग्राहियों को भूमि पट्टे सहित जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व प्रकरणों, विशेषकर एक वर्ष से लंबित मामलों को पारदर्शी तरीके से जल्द निपटाने पर जोर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा और बीबीजीआरवाई के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय सहित जरूरी सुविधाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
प्रभारी सचिव ने पीएमश्री सहित अन्य उत्कृष्ट विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, कचरा पेटी और उद्यान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पात्र गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
वन विभाग की समीक्षा में स्वामी आत्मानंद मॉडल कॉलेज, बोरी में पौधरोपण तथा तांदुला पार्क में नगर वन और हर्बल गार्डन की स्थापना जैसे नवाचारों की जानकारी भी दी गई।
बुजुर्गों और शहरी क्षेत्रों की सुविधाओं पर ध्यान
सोनमणि बोरा ने आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के कार्ड बनाने के काम में तेजी लाने को कहा, ताकि उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सके। इसके अलावा कुष्ठ रोग, सिकलसेल और टीबीमुक्त अभियान के तहत चल रही जांच एवं उपचार गतिविधियों की समीक्षा की गई।
नगर निगम आयुक्तों को रैनबसेरों की सुविधाएं बेहतर बनाने तथा शहरी प्रधानमंत्री आवास क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, बुजुर्गों के बैठने के लिए बेंच, बच्चों के लिए पार्क और बेहतर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में वन मंडलाधिकारी सी.पी. अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, एडीएम विरेन्द्र सिंह, भिलाई नगर निगम आयुक्त सुरूचि सिंह, दुर्ग नगर निगम आयुक्त लीना कोसम, रिसाली नगर निगम आयुक्त मोनिका वर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



