रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़े मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बुधवार को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें 17 जुलाई 2026 तक EOW की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है।
EOW ने अग्रवाल की 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने 9 दिन की रिमांड मंजूर की। कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता भी मौजूद रहे।
जांच में डायरी की एंट्री बनी अहम सुराग
यह मामला कोयला लेवी घोटाले की जांच से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से जब्त डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये की एंट्री दर्ज मिली है। EOW का दावा है कि यह रकम रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से कांग्रेस भवन तक पहुंचाई गई थी।
एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि धन कहां से आया, किसने पहुंचाया, किसने प्राप्त किया और उसका उपयोग कहां हुआ।
बेटे वैभव अग्रवाल से भी पूछताछ
EOW ने रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से भी दो दिनों तक पूछताछ की। अधिकारियों ने उनसे पिछले तीन वर्षों के दौरान रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों, आर्थिक लेन-देन और कथित नेटवर्क से जुड़े सवाल पूछे। पूछताछ के बाद वैभव अग्रवाल को छोड़ दिया गया।
तीन बड़े मामलों में जांच
रामगोपाल अग्रवाल का नाम तीन प्रमुख मामलों की जांच में सामने आया है:
-
शराब घोटाला: लगभग 3,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में धन के प्रवाह की जांच।
-
कोल लेवी मामला: करीब 540 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली की जांच।
-
कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाला: लगभग 127 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं की जांच।
EOW का कहना है कि पूछताछ जब्त दस्तावेजों, डायरी, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य विवेचना सामग्री के आधार पर की जा रही है।
तीन साल बाद किया सरेंडर
सूत्रों के अनुसार रामगोपाल अग्रवाल पिछले लगभग तीन वर्षों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे। उनके देश और विदेश में रहने की चर्चाएं भी होती रही थीं। बुधवार को उन्होंने स्वयं रायपुर स्थित EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया।
EOW की नजर अब वित्तीय नेटवर्क पर
एजेंसी अब रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका, संबंधित कारोबारियों और अन्य व्यक्तियों से संपर्क, बैंकिंग लेन-देन तथा कथित धन के स्रोत और उपयोग की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है।



