रायपुर। छत्तीसगढ़ की बेटियों ने खेल जगत में नया इतिहास रच दिया है। पुद्दुचेरी में आयोजित जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में टीम ने मजबूत मानी जा रही केरल की टीम को 55-51 अंकों से हराकर 14 साल बाद राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
पूरे टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ की टीम का दबदबा देखने को मिला। सेमीफाइनल में टीम ने कर्नाटक को 67-62 से हराया, जबकि क्वार्टर फाइनल में महाराष्ट्र जैसी मजबूत टीम को 56-44 अंकों से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी।
फाइनल मुकाबले में दिव्या रंगारी ने शानदार खेल दिखाते हुए 22 अंक जुटाए। टीम की कप्तान अंजली कोडापे ने 14 अंक बनाकर जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा रूमी कोनवर और अंजनी ने 7-7 अंक, अदिति कोडापे ने 3 और सारा सिंह ने 2 अंक जोड़े। सोफी सिका और नंदनी माधो प्रधान का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।
इस ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियों ने पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने भी खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष की तारीफ की।
छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ में विवाद के चलते इस बार बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने खिलाड़ियों के चयन के लिए एडहॉक कमेटी बनाई थी। इसके बावजूद टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन कर देशभर में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया।



