छत्तीसगढ़

CG- सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, 71 नक्सलियों ने किया सरेंडर इनमें 64 लाख के 30 माओवादी भी शामिल..

बस्तर। जवानों को बड़ी कामयाबी मिली है। पहली बार एक साथ 71 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 64 लाख के 30 इनामी नक्सली भी शामिल है। सरेंडर माओवादी अपने अपने क्षेत्र में नक्सली बंद सप्ताह के दौरान रोड खोदना, पेड़ काटना, पोस्टर व पाम्पलेट लगाने जैसे घटनाओं में संलिप्त थे।

जिला दन्तेवाड़ा में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा ‘‘पूना मारगेम’’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क व नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गॉव-गॉव तक किया जा रहा है। इसके प्रभाव में लगातार शीर्ष माओवादियों सहित भटके हुए माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण कर रहे है।

इस वर्ष अब तक मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं 132 नक्सलीपुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक 331 नक्सली घटनाओं में शामिल पाए गए, जिनमें से 307 ने आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं, 132 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं। वहीं, वर्ष 2024 में कुल 834 नक्सली घटनाओं में 496 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और 190 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए थे।

विकास से बदल रही है सोच

बीजापुर सहित पूरे बस्तर संभाग में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के समाज की मुख्यधारा में लौटने से यह स्पष्ट हो गया है कि शासन की नक्सल उन्मूलन नीति कारगर सिद्ध हो रही है और नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में यह एक बड़ी सफलता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने के पीछे प्रमुख कारणों में बस्तर में विकास कार्यों की तेज रफ्तार शामिल है। सड़क निर्माण, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं अब अंदरूनी इलाकों तक पहुंचने लगी हैं। इसके अलावा संगठन के भीतर बढ़ते मतभेद, अविश्वास, मानसिक और आर्थिक शोषण ने भी नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया।

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