
रायपुर
छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज से शुरू हो गई है. इंद्रावती भवन के सामने से फेडरेशन ने हड़ताल की शुरुआत की है. बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर ये हड़ताल की जा रही है. अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के आवाहन पर ये अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है. इसे करीब 80 से ज्यादा संगठनों का समर्थन है.
सीएम भूपेश बघेल ने कहा है, हमारी सरकार लगातार कर्मचारियों के हितों में काम कर रही है। उनके लिए फाइव डे वीक भी किया गया। फिर भी कर्मचारी सौदेबाजी करना चाहते हैं तो उनकी इच्छा..सरकार अपना काम करेगी।कर्मचारियों की हड़ताल से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, देखिए उनसे बात हुई थी, बातचीत के बाद ही 6 प्रतिशत डीए बढ़ाया गया था…आधे संगठनों ने इसका स्वागत भी किया है। इसके दूसरे संगठन के लोग भी मेरे से मिलने आये थे। उन्होंने कहा, छह परसेंट से 1 परसेंट भी बढ़ा दीजिए। सीएम बोले, आखिर ये सौदेबाजी न हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा, आर्थिक व्यवस्था को देखते हुये हमने डीए बढ़ाया है। ओल्ड पेंशन स्कीम भी लागू किया है। हम कर्मचारियों के हित में लगातार फैसला लेते जा रहे हैं। जितनी भी शासकीय योजना हैं उसका भी लाभ भी कर्मचारियों को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में तो उन योजनाओं से उनको वंचित कर देते थे। कर्मचारियों के हित में हमने वर्किंग डेज 5 दिन किया। उसके बाद भी वो हड़ताल करना चाहते हैं तो उनकी इच्छा..सरकार अपना काम करेगी।
फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा कहा कि संवादहीनता और उपेक्षा के कारण यह अनिश्चितकालीन हड़ताल की नौबत आई है. नतीजा ये हुआ कि प्रदेशभर के 91% सरकारी दफ्तरों में ताला लग गया है. अधिकारी-कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठ गए हैं. उन्होंने बताया कि लगातार कर्मचारी संगठन हमारे साथ जुड़ रहे हैं. 88 से संख्या बढ़कर 98 पहुंच गई है. लगभग पांच लाख अधिकारी-कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. ऐसे में कार्य तो प्रभावित होगा. मैं उन लोगों से क्षमा मांगता हूं जिनके कार्य हमारे हड़ताल की वजह से प्रभावित हो रहा हैं. लेकिन इसकी जिम्मेदार सरकार है. इसी कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं.
कमल वर्मा ने कहा कि आंदोलन हमने खड़ा किया है. यहां पे अधिकारी लोगों को गुमराह करते हुए आंदोलन को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन नाकाम रहे. कुछ लोगों को CM के सामने खड़ाकर षड़यंत्र किया गया. आंदोलन हड़ताल करने वाले हम लोग हैं. हमारी CM से कोई मुलाकात नहीं हुई है. हमारी बात जब तक नहीं सुनी जाएगी हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करते रहेंगे. कमल वर्मा ने कहा कि हम अपने हक और अधिकार के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं, ये मांग नहीं अधिकार है. हम सभी जानते हैं कि हमारे छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल उस प्रवृत्ति के नहीं हैं कि वो किसी को निलंबित करें या बर्खास्त करें.



