रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। कापू थाना क्षेत्र में आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को घर के आंगन में जला दिया और हड्डियों के अवशेष जमीन में दबा दिए। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
मामले का खुलासा पुलिस की जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुआ। बरामद हड्डियों के अवशेषों की DNA जांच में उनकी पहचान 26 वर्षीय चमेली सिदार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति देवानंद सिदार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पत्नी के लापता होने की दर्ज कराई थी रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार, ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार ने 28 अप्रैल 2026 को कापू थाने में अपनी पत्नी चमेली सिदार के 16 अप्रैल की रात घर से बिना बताए चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को देवानंद के बयान और उसके व्यवहार में विरोधाभास नजर आया। इसके बाद पुलिस ने महिला के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। धीरे-धीरे शक की सुई पति की ओर बढ़ने लगी।
चार साल पहले हुआ था प्रेम विवाह
चमेली के पिता बालसाय सिदार ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी करीब चार साल पहले देवानंद के साथ प्रेम संबंध के बाद उसके साथ कुमा चली गई थी। दोनों पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे और उनकी कोई संतान नहीं थी।
परिजनों के मुताबिक, घटना के कुछ दिन बाद देवानंद उनके घर भी पहुंचा था और चमेली के वहां आने के संबंध में पूछताछ की थी। परिवार ने जब बताया कि वह वहां नहीं आई है, तो वह वापस लौट गया।
सब्जी बनाने की बात पर हुआ था विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि 16 अप्रैल की रात भाजी की सब्जी बनाने को लेकर उसका पत्नी से विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने चमेली का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर शव को घर के आंगन में जला दिया। इसके बाद हड्डियों के अवशेषों को गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया और पत्नी के लापता होने की झूठी कहानी पुलिस के सामने रखी।
DNA जांच से हुई मृतका की पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई। अनुमति लेकर FSL अधिकारी की मौजूदगी में घटनास्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद किए गए।
बरामद अवशेषों का DNA परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि हड्डियां गुम महिला चमेली सिदार की ही थीं। वैज्ञानिक साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 23 अगस्त 2026 को आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया।
तीन दिन गांव के बाहर कैंप कर आरोपी को पकड़ा
अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगने पर आरोपी फरार हो गया। इसके बाद पुलिस टीम ने तीन दिनों तक गांव के बाहर कैंप कर मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा।
लगातार प्रयास के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने हत्या की वारदात स्वीकार करने की बात पुलिस ने कही। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले के खुलासे में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कापू थाना पुलिस की टीम, FSL जांच और DNA रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



