रायपुर, 22 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से आम लोगों को मिल रहे लाभ की कहानियां सामने आ रही हैं। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत घोघरा निवासी श्रीमती शिशु खलखो के लिए आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ आर्थिक राहत का भी माध्यम बना है।
शिशु खलखो ने बताया कि पहले परिवार में किसी सदस्य के बीमार पड़ने पर इलाज के खर्च की चिंता रहती थी। सीमित आय के कारण अचानक होने वाला स्वास्थ्य खर्च घरेलू बजट को प्रभावित करता था। अब आयुष्मान कार्ड बनने के बाद पात्रता और योजना के प्रावधानों के अनुसार पांच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान उनकी समस्या का समाधान हुआ और उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया। कार्ड मिलने के बाद बीमारी की स्थिति में उपचार पर होने वाले बड़े खर्च को लेकर उनकी चिंता पहले की तुलना में कम हुई है।
इलाज के खर्च से मिली राहत
शिशु खलखो के अनुसार, पहले परिवार में किसी के बीमार होने पर इलाज के लिए बड़ी राशि जुटानी पड़ती थी। इससे घर के अन्य जरूरी खर्च भी प्रभावित होते थे। अब आयुष्मान कार्ड उनके परिवार के लिए उपचार के समय आर्थिक सहारे का माध्यम बना है।
योजना के प्रावधानों के तहत पात्र हितग्राहियों को उपचार की सुविधा मिलने से गंभीर बीमारी या आकस्मिक स्वास्थ्य जरूरत के समय परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिलती है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की कहानियों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। शिशु खलखो की कहानी यह बताती है कि पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचने से स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के समय उन्हें उपचार के साथ आर्थिक सुरक्षा का भी सहारा मिल सकता है।



