बिलासपुर। जिले के कोटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत आमागोहन में 15वें वित्त आयोग की राशि के इस्तेमाल में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में नाली, सीसी रोड और चबूतरा निर्माण के लिए राशि निकाले जाने के बावजूद मौके पर संबंधित कार्य नहीं मिले। मामले में जिला पंचायत सीईओ ने पंचायत सचिव राजेश कुमार उइके को निलंबित कर दिया है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, वार्ड-3 में करीब 100 मीटर नाली निर्माण के लिए 3.80 लाख रुपए, वार्ड-12 में सीसी रोड के लिए 4.50 लाख रुपए और बाजारपारा में चबूतरा निर्माण के लिए 1 लाख रुपए की राशि निकाली गई थी। निरीक्षण के दौरान इनमें से संबंधित निर्माण कार्य मौके पर नहीं पाए गए।
जांच टीम ने पंचायत के रिकॉर्ड और मौके का निरीक्षण किया। रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2024 में 5 से 17 दिसंबर के बीच बिना कार्य कराए राशि निकाले जाने की बात सामने आई। कुल 5.92 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि जांच में की गई।
मामले में पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। सचिव ने 20 जुलाई 2026 को अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन जिला पंचायत सीईओ ने जवाब को संतोषजनक नहीं माना और निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि 5 जून 2026 की विशेष ग्राम सभा के बजाय पोर्टल पर वर्ष 2025 की पुरानी तस्वीरें अपलोड की गई थीं। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।
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