छत्तीसगढ़

बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 56 नए सिविल जजों को मिली नई पदस्थापना..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायिक सेवा में बड़ा फेरबदल करते हुए 15 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और 56 नए सिविल जजों की पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। नवनियुक्त सिविल जजों को 29 अगस्त 2026 तक जॉइनिंग देने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईकोर्ट की ओर से दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। पहले आदेश में CGPSC से चयनित 56 अभ्यर्थियों को लोअर ज्यूडिशियल सर्विस कैडर में परिवीक्षा पर सिविल जज जूनियर डिवीजन के पद पर नियुक्त करते हुए अलग-अलग जिलों में पोस्टिंग दी गई है।

इन नए न्यायिक अधिकारियों की पदस्थापना से प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों में लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने और न्यायिक कामकाज को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

15 न्यायिक अधिकारियों का तबादला

हाईकोर्ट ने इसके साथ ही 15 न्यायिक अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश भी जारी किए हैं। इनमें हायर ज्यूडिशियल सर्विस के 5 जज शामिल हैं।

हरीश कुमार अवस्थी को दंतेवाड़ा परिवार न्यायालय से रायपुर का प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। ममता पटेल को अंबिकापुर से द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिलासपुर और ज्योति अग्रवाल को पेंड्रारोड से तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजनांदगांव की जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं नमिता मिंज भास्कर को धमतरी से द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदलपुर और भूपत सिंह साहू को राजनांदगांव से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (FTC) दंतेवाड़ा भेजा गया है।

कई जिलों में बदली न्यायिक जिम्मेदारी

रायपुर के प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज शर्मा को SC-ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत रायपुर विशेष अदालत का विशेष न्यायाधीश बनाया गया है।

अंबिकापुर में कमलेश जगदल्ला को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और स्मिता रत्नावत को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (POCSO) की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा सिविल जज सीनियर डिवीजन संवर्ग में भी बदलाव किए गए हैं। सतीश कुमार खाखा को प्रतापपुर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) एवं प्रथम सिविल जज सीनियर डिवीजन मुंगेली बनाया गया है। वहीं भगवान दास पनिका, श्वेता पटेल, ईशान व्यास और नीलेश जगदल्ला की भी नई पदस्थापना की गई है।

29 अगस्त तक देनी होगी जॉइनिंग

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार नवनियुक्त 56 सिविल जजों को निर्धारित समय-सीमा में संबंधित पद पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। सभी को 29 अगस्त तक जॉइनिंग देने के निर्देश दिए गए हैं।

56 नए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति और 15 अधिकारियों के तबादले से प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। इससे विभिन्न जिलों में अदालतों के कामकाज और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।

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