छत्तीसगढ़

‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, 250 महिला उद्यमियों को मिलेगा प्रशिक्षण..

रायपुर। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके छोटे व्यवसायों को सफल उद्यम में बदलने के लिए राज्य सरकार ने ‘अथ उद्यम’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ तथा भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रायपुर का फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट मिलकर इस पहल को संचालित कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के मौजूदा व्यवसायों को व्यवस्थित करना, उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद करना और उन्हें बाजार से जोड़ना है। कार्यक्रम के लिए अब तक पूरे प्रदेश से 1,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इच्छुक महिलाएं 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

250 महिला उद्यमियों का होगा चयन

‘आजीविका से उद्यमिता की ओर’ की अवधारणा पर आधारित इस विशेष इन्क्यूबेशन कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 सितंबर 2026 को की थी।

कार्यक्रम के शुरुआती चरण में पात्रता और आवेदन के मूल्यांकन के आधार पर 250 महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा। चयनित महिलाओं को अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने और उसका विस्तार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

64 घंटे की ट्रेनिंग और एक साल तक विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

‘अथ उद्यम’ के तहत चयनित महिलाओं को 64 घंटे का चरणबद्ध व्यवसाय विकास प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही एक वर्ष तक विशेषज्ञों का परामर्श, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने, लागत और मुनाफे की गणना करने, बिक्री एवं खर्च का रिकॉर्ड रखने और उत्पादन व वितरण की बेहतर योजना बनाने की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा बाजार की मांग समझने, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण मिलेगा। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को बाजार, ब्रांड और वित्तीय संस्थानों से जुड़ने में भी सहयोग किया जाएगा।

किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?

इस पहल के तहत खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई एवं वस्त्र निर्माण, हस्तशिल्प, हथकरघा, वनोपज का मूल्य संवर्धन, स्थानीय उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और गैर-कृषि सेवा आधारित व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को लाभ मिल सकता है।

विशेष रूप से उन महिला उद्यमियों को अवसर मिलेगा, जो पहले से व्यवसाय चला रही हैं और उसे आगे बढ़ाना चाहती हैं। स्वयं सहायता समूहों की सदस्य या उनसे जुड़े परिवारों की महिला उद्यमी आवेदन कर सकती हैं।

हालांकि, केवल सामान खरीदकर बेचने यानी सामान्य ट्रेडिंग करने वाले व्यवसाय इस कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगे।

252 सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण

कार्यक्रम की जानकारी ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाने के लिए IIM रायपुर ने 252 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) सदस्यों को प्रशिक्षित किया है। ये सदस्य अपने क्षेत्रों में महिलाओं को योजना की जानकारी देने और आवेदन करने के लिए प्रेरित करने में मदद कर रहे हैं।

इसके अलावा जिला और विकासखंड स्तर के परियोजना प्रबंधकों का प्रशिक्षण भी IIM रायपुर के प्रबंधन विकास केंद्र में पूरा किया गया है। इससे पात्र महिलाओं की पहचान और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग मिलेगा।

31 अक्टूबर तक ऐसे करें आवेदन

इच्छुक महिला उद्यमी आधिकारिक पोर्टल atha.iimraipur.edu.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

आवेदन संबंधी जानकारी और सहायता के लिए महिलाएं अपने स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन, क्षेत्रीय CRP दीदी या विकासखंड स्तरीय बिहान कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

‘अथ उद्यम’ का उद्देश्य महिलाओं को केवल स्वरोजगार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सक्षम व्यवसाय संचालक बनाना है। इससे महिलाओं की प्रबंधकीय क्षमता, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की योग्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सरकार और IIM रायपुर की इस संयुक्त पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसायों को बढ़ावा मिलने और महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Back to top button