चंडीगढ़
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता की सेवानिवृत्ति के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विभागों के कामकाज का नये सिरे से बंटवारा किया गया है।
अरुण गुप्ता के पास दस विभाग थे, जिनमें से पांच उपप्रधान सचिव यशपाल और पांच उपप्रधान सचिव अजय कुमार को सौंपे गए हैं। गुप्ता के पास मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों की निगरानी की भी जिम्मेदारी थी, जो अब मुख्यमंत्री के ओएसडी विवेक कालिया को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के ओवरआल इंचार्ज और मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने नए प्रधान सचिव की नियुक्ति तक तीन अधिकारियों में काम का बंटवारा किया है। प्रधान सचिव के रूप में अरुण गुप्ता के पास नागरिक उड्डयन, क्रिड, पर्यावरण, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, जेल, खनन, लोक निर्माण, सामाजिक न्याय, परिवहन और शहरी निकाय जैसे विभागों का दायित्व था।
18 विभागों के संभाले हैं जिम्मेदारी
उनकी सेवानिवृत्ति के बाद अब पर्यावरण, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, जेल, लोक निर्माण और शहरी निकाय उपप्रधान सचिव यशपाल संभालेंगे। नागरिक उड्डयन, क्रिड, खनन, सामाजिक न्याय और परिवहन विभाग उपप्रधान सचिव अजय कुमार को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर स्वयं वित्त, राजस्व, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, उद्योग, शहरी विकास, विधायी कार्य, आपदा प्रबंधन, गृह, एक्साइज, फाइनेंस और विजिलेंस समेत 18 विभागों के कामकाज की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। सीएम के उप प्रधान सचिव यशपाल अभी तक नौ और अजय कुमार सात जिम्मेदारी संभाल रहे थे
यशपाल के 14 और अजय कुमार के पास 12 विभाग
अब यशपाल के 14 और अजय कुमार के पास 12 विभाग रहेंगे। सीएम के ओएसडी राज नेहरू के पास पहले की तरह तीन विभाग रहेंगे, जबकि ओएसडी विवेक कालिया के पास सीएम विंडो व जनसंवाद के साथ मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जिम्मेदारी भी रहेगी।
सीएम के ओएसडी सुधांशु गौतम के पास तबादलों व मकान आवंटन समेत पांच कार्यक्षेत्र रहेंगे, जबकि ओएसडी राकेश संधू सीएम विंडो और ग्रीवेंस और नरेंद्र पाल मलिक सीएम घोषणाएं देखते रहेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी मुख्यमंत्री के पास आने वाली फाइलों के निस्तारण, नीतिगत निर्णयों के क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय की जिम्मेदारी निभाते हैं।



