छत्तीसगढ़

उरला ब्लास्ट: तीन मजदूरों की मौत, मुआवजे को लेकर नया विवाद..

रायपुर/धरसीवां। उरला क्षेत्र के बेंद्री स्थित 3D इनोवेशन फैक्ट्री में हुए विस्फोट में तीन श्रमिकों की मौत के बाद अब मुआवजा वितरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले में आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा 30-30 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा के बावजूद मध्यप्रदेश के दो आदिवासी श्रमिकों के परिजनों को केवल 21-21 लाख रुपये दिए गए, जबकि तीसरे मृतक के परिवार को 30 लाख रुपये का मुआवजा मिला।

7 जुलाई की शाम फैक्ट्री में हुए ऑक्सीजन सिलेंडर विस्फोट में लाल सिंह, कमल सिंह मरावी (दोनों मंडला, मध्यप्रदेश) और अरुण पांडे (जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़) की मौत हो गई थी। घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को कंपनी की ओर से 30-30 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की जानकारी दी थी।

रिपोर्ट के अनुसार, जांजगीर निवासी मृतक के परिजनों को 29 लाख रुपये का चेक और 1 लाख रुपये नकद दिया गया, जबकि दोनों आदिवासी श्रमिकों के परिवारों को 20 लाख रुपये का चेक और 1 लाख रुपये नकद मिलने का दावा किया गया है। इसी को लेकर मुआवजा वितरण में कथित भेदभाव के आरोप लगाए जा रहे हैं।

मृतक कमल मरावी के पिता ने भी कम मुआवजा मिलने की बात कही है। वहीं कुछ सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा सभी मृतकों के परिवारों को समान मुआवजा देने की मांग की है।

फिलहाल फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुआवजा भुगतान से जुड़े दावों और आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले को लेकर प्रशासन और संबंधित पक्षों की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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