रायपुर। राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित ग्राम नकटी में सोमवार सुबह विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के तहत वार्ड क्रमांक 16 और 17 के करीब 48 मकानों को हटाया जा रहा है। मौके पर भारी विरोध को देखते हुए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
सुबह राजस्व विभाग और नगर निगम की टीम बुलडोजर के साथ गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई लोग जेसीबी मशीनों के सामने खड़े हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विरोध के बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच मकानों को हटाने की कार्रवाई जारी रखी।
कार्रवाई से पहले ग्रामीणों ने अपने घरों का सामान बाहर निकाल लिया। कई परिवार खुले आसमान के नीचे अपने घरेलू सामान के साथ बैठे दिखाई दिए। इस दौरान एक बुजुर्ग अपनी गोद में मासूम बच्चे को लेकर घर के मलबे के बीच बैठे नजर आए, जिसने पूरे घटनाक्रम को भावुक बना दिया।
प्रशासन का कहना है कि जिन मकानों को हटाया जा रहा है, वे सरकारी भूमि पर बने हैं और प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए जमीन खाली कराई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित परिवारों को पहले ही बेदखली नोटिस जारी किए जा चुके थे।
वहीं ग्रामीण प्रशासन के दावे को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे वर्षों से इस जमीन पर निवास कर रहे हैं और यह क्षेत्र गांव की आबादी का हिस्सा है। कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इसी स्थान पर आवास भी स्वीकृत हुए हैं। ऐसे में अब उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर बेदखल करना अन्यायपूर्ण है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी वर्ष 2025 में प्रशासन ने यहां बेदखली की कोशिश की थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते कार्रवाई रोक दी गई थी। इस बार रविवार देर रात से ही गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया और सोमवार सुबह बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासन लगातार कार्रवाई में जुटा है, जबकि ग्रामीण अपने घर बचाने की मांग पर अड़े हुए हैं। विधायक कॉलोनी परियोजना को लेकर यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।



