रायपुर/बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के राउरपुर गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जर्जर कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे में दबने से दो मासूम बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब परिवार के सदस्य खाना खाने के बाद घर के बाहर रोजमर्रा के कार्य कर रहे थे। शशिकला खंडेलवाल नाम की महिला घर के पास बनी पुरानी कच्ची दीवार के समीप बैठकर बर्तन साफ कर रही थीं। उनके पास ही 12 वर्षीय वंशिका कोशले और 10 वर्षीय राधिका कोशले भी मौजूद थीं। इसी दौरान जर्जर दीवार अचानक ढह गई और तीनों उसके मलबे में दब गए।
दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल शशिकला खंडेलवाल को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। उनकी हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों बच्चियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि दीवार काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। बरसात के मौसम में ऐसे कच्चे और कमजोर मकानों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में शोक की लहर है और लोग प्रशासन से जर्जर भवनों का सर्वे कर समय रहते सुरक्षा उपाय करने की मांग कर रहे हैं।



