छत्तीसगढ़। बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व IAS अधिकारी निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। हालांकि राहत मिलने के बावजूद उनकी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश में दर्ज एक अन्य शराब घोटाला मामले के चलते फिलहाल उनकी जेल से रिहाई नहीं हो सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉय माला बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए ईडी और ईओडब्ल्यू दोनों मामलों में सशर्त जमानत मंजूर की। अदालत ने आदेश में कहा है कि रिहाई की स्थिति में निरंजन दास को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा और जिस राज्य व थाना क्षेत्र में वे रहेंगे, उसकी जानकारी रायपुर कोर्ट को देनी होगी। साथ ही अदालत के समन पर उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि निरंजन दास पिछले आठ महीने से जेल में हैं और मामले में अब तक ट्रायल शुरू नहीं हो पाया है। वहीं राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोपी प्रभावशाली अधिकारी रहे हैं और बाहर आने पर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल प्रयागराज हाई कोर्ट में लंबित मामले के कारण पूर्व IAS अधिकारी की रिहाई पर रोक बनी हुई है।



