गोरखपुर
विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ते उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के लिए एक और गुड न्यूज है। यहां अदाणी और अंबानी ग्रुप के बाद टाटा पावर ने दिलचस्पी दिखाई है। टाटा पावर यहां 100 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाना चाहता है जिसके लिए सरकार उसे करीब 300 एकड़ जमीन मुहैया कराएगी। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण ( गीडा) ने टाटा पावर को सोलर प्लांट के लिए यह जमीन मुहैया कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए धुरियापार औद्योगिक कारिडोर में 300 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। जल्द टाटा पावर की तकनीकी टीम निरीक्षण को आएगी। जमीन पसंद आते ही आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी।
अदाणी और अंबानी समूह के बाद अब टाटा पावर कंपनी की ओर से 100 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। इस प्लांट पर लगभग 800 करोड़ रुपये के निवेश होंगे। परियोजना पूरी तरह से सौर ऊर्जा आधारित होगी, जिससे स्वच्छ और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सोलर प्लांट से हर साल करीब 20 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है। गीडा अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधि जल्द ही चिह्नित भूमि का निरीक्षण को धुरियापार आ सकते हैं। अनुमान है कि इस परियोजना से 300 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है।
वायु गुणवत्ता सुधारने को 30.35 करोड़
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश के 10 शहरों के लिए 163.70 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह धनराशि शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित कर वायु गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से दी गई है। गोरखपुर को इस मद में 30.35 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत पांच साल में गोरखपुर को 150.31 करोड़ रुपये मिले हैं जिनमें 82.28 करोड़ रुपये की धनराशि अब तक खर्च की जा चुकी है।
क्या बोले गीडा के अधिकारी
गीडा के एसीईओ राम प्रकाश ने कहा कि टाटा पावर कंपनी ने 800 करोड़ के निवेश से 100 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी की मांग के अनुसार 300 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही प्रतिनिधियों को जमीन दिखा दी जाएगी।



