नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार को बड़ा हादसा हो गया. तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने से बड़ी संख्या छात्र मलबे में दब गए. दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं. बताया जा रहा है कि हादसा करीब 1 बजकर 30 मिनट पर हुआ है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
सत्य निकेतन में बिल्डिंग का मलबा हटाने का काम जारी, मौके पर दमकल की 12 गाड़ियां मौजूद
सत्य निकेतन इलाके में एक हॉस्टल की इमारत के गिरने के बाद अब मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है. मौके पर जेसीबी के साथ-साथ दमकल की भी 12 गाड़िया मौके पर मौजूद हैं. अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
सीएम रेखा गुप्ता ने घटना पर जताया दुख
सीएम रेखा गुप्ता ने घटना पर दुख जताया है. उन्होंने एक्स पर जानकारी दी कि, ''RK पुरम के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से बहुत चिंता है. DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं. एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है। फँसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुँचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है. हालात पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियाँ आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सीएम बोलीं- हर संभव कोशिश जारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें राहत-बचाव अभियान चला रही हैं।
उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर हादसे से सटी इमारत को खाली करा लिया गया है. रेखा गुप्ता ने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद देने की हर संभव कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी एजेंसियां आपसी तालमेल से काम कर रही हैं. नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही पता चलेगा कि हादसे में कितने लोग फंसे थे और कितने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस हादसे पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि जल्द से जल्द लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. राहत और बचाव कार्य जारी है।
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उनका कहना है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, DDMA, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की बचाव टीमें मौके पर मौजूद हैं और जो लोग फंसे हैं उन्हें निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
ये हादसा मोती बाग के सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास की है, जहां एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर मिली हादसे की जानकारी
फायर डिपार्टमेंट को 1 बजकर 33 मिनिट पर इस हादसे की जानकारी मिली. फायर डिपार्टमेंट की 12 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं. राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है और टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं. 3 से 4 लोगों को मलबे से निकाला भी जा चुका है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस बिल्डिंग में एक पीजी चल रहा था जिसकी वजह से मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है. रेस्क्यू टीमों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी मलबा हटाने और लोगों को निकालने में जुटे हैं।
विधायक ने लिया हालात का जायजा
आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा ने दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'ये बहुत दुखद घटना है. इससे ज्यादा दिल दहला देने वाली कोई बात नहीं हो सकती. स्टूडेंट्स अलग-अलग जगहों से इस बिल्डिंग में PGs में पढ़ने और रहने आते हैं, बिल्डिंग गिर गई है. हालांकि ये बताना मुश्किल है कि कितने स्टूडेंट्स हैं. चाहे वो पांच हों, दस हों, या बीस. लेकिन हमें पक्का पता है कि स्टूडेंट्स अंदर फंसे हुए हैं।
चश्मदीद ने कहा- बच्चे चिल्ला रहे हैं, हमें बचाओ, हमें बचाओ
चश्मदीद युवक ने कहा, "मेरी दुकान पास ही है. हम अंदर बैठे थे तभी अचानक हमें भूकंप जैसी गड़गड़ाहट की आवाज़ सुनाई दी. हम तुरंत बाहर भागे, वहां बहुत धुआं और धूल थी. पूरी इमारत गिर चुकी थी. कुछ शव निकाले गए और चार ऐसे बच्चों को भी बचाया गया जिनकी सांसें चल रही थीं. मलबे के अंदर से अभी भी आवाज़ें आ रही हैं. बच्चे चिल्ला रहे हैं, 'हमें बचाओ, हमें बचाओ!'… वहां कम से कम 25-30 बच्चे थे. पास ही लड़कों और लड़कियों का PG था. 4-5 लोगों को बचाया गया है; 2-3 शव निकाले गए हैं और और भी शव मिलने की आशंका है. वे बेसमेंट बना रहे थे।
'बिल्डिंग गिरते ही हम भागकर निकले'
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि इमारत अचानक गिर गई. लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया. आसपास मौजूद लोग तुरंत वहां से भागे. चश्मदीद के मुताबिक, मलबे में 20 से 30 लोग दबे हो सकते हैं. एक अन्य चश्मदीद ने भी बताया कि मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि हादसे के वक्त इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे।
मलबे के नीचे से फोन कर रहे लोग
मौके पर पहुंचे आरके पुरम के विधायक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कुछ लोग मलबे के नीचे से फोन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई लोग अभी अंदर फंसे हो सकते हैं. बचाव अभियान लगातार जारी है।
स्थानीय लोग भी रेस्क्यू टीमों के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं. फिलहाल सबसे बड़ी कोशिश मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की है।
जवाबदेही और एक्शन की मांग
NSUI ने आगे लिखा, 'छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. DU प्रशासन और सरकार तुरंत युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य चलाएं, हर छात्र और व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालें और इस घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करें. छात्रों की जान के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
NSUI ने कहा कि पीएम मोदी छात्रों की बात करने के लिए तो बड़े-बड़े मंचों पर जाते हैं, लेकिन जब छात्रों की सुरक्षा और जिंदगी का सवाल आता है, तो सरकार उन्हें भूल जाती है. केंद्र में BJP की सरकार, दिल्ली में BJP की सरकार, MCD में BJP का मेयर- जब सब कुछ आपका है, तो छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? आखिर कब तक लापरवाही की कीमत छात्र अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?



