रांची
झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है. लगातार प्रदर्शन के बीच हेमंत सोरेन सरकार दबाव में दिख रही है. सरकार ने प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया है. हालांकि छात्रों की मांग है कि वह सीधे सीएम से ही बात करेंगे।
बहुत संभावना है कि मंत्रियों का दल गुरुवार को धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत करेगा. सरकारी सूत्रों के मुताबिक अगर धरना स्थल पर बातचीत नहीं हो पाई तो किसी सार्वजनिक स्थान पर छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया जा सकता है।
सरकार रिजल्ट कैंसिल करने पर भी कर रही है विचार
सूत्रों के अनुसार, छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार परीक्षा के रिजल्ट को भी रद्द करने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रही है. सूत्रों का कहना है कि सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है और जल्द ही कोई अहम फैसला लिया जा सकता है।
इस बीच कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया है. हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे. उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं उनसे बातचीत करें. साथ ही वार्ता के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी हो और पूरी बातचीत सार्वजनिक रूप से हो, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. सरकारी पक्ष से भी संकेत मिले हैं कि बातचीत किसी सार्वजनिक स्थान पर कराई जा सकती है।
छात्रों की मांग- मुख्यमंत्री हमसे खुले मंच पर मिलें
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "कल रात हमारी बैठक में यह फैसला हुआ कि हम सरकार से बातचीत के लिए जाएंगे, हालांकि समय अभी तय नहीं हुआ है. लेकिन हमारी एक और मांग है. अगर मुख्यमंत्री हमसे खुले मंच पर, मीडिया के सामने लाइव बातचीत करने को तैयार हैं, तो किसी ठोस समाधान पर पहुंचा जा सकता है।
उन्होंने कहा, 'हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पिछले आंदोलनों में हमारे कुछ साथियों को बंद कमरे में बातचीत के लिए ले जाया गया था, लेकिन उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. हमें लग रहा है कि इस बार भी वैसी ही कोशिश की जा रही है. सरकार पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बुला रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह सिर्फ मामले को टालने या आंदोलन को खत्म करने की कोशिश है।
प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हम ऐसा नहीं चाहते. हमारी सिर्फ इतनी मांग है कि अगर मुख्यमंत्री बात करना चाहते हैं तो खुले मंच पर आएं. हम उसका स्वागत करेंगे. वे कैमरे के सामने जो कहना चाहें कहें. अगर उनका प्रस्ताव हमें स्वीकार होगा तो हम मान लेंगे, नहीं होगा तो स्वीकार नहीं करेंगे।
सीआईडी का बड़ा एक्शन, पांच आरोपी गिरफ्तार, अब तक 19 की गिरफ्तारी
उधर, JPSC परीक्षा में कथित धांधली की जांच कर रही झारखंड सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. रांची और उत्तर प्रदेश के लखनऊ पुलिस के सहयोग से की गई इस कार्रवाई में उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, रक्षक सिंह और धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
सीआईडी के अनुसार, उमाकांत उरांव पर 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर उत्तीर्ण होने के साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने के लिए एजेंट के रूप में काम करने का आरोप है. रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार पर भी परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग कर सफल होने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपी रक्षक सिंह उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला है और JPSC परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी TDPL में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है. जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने भी परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया. वहीं धर्मेंद्र कुमार को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. सीआईडी फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
जब तक नहीं होगा ठोस फैसला, आंदोलन जारी रहेगा
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. दूसरी ओर सरकार संवाद के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश कर रही है. ऐसे में अब सबकी नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित वार्ता तथा JPSC परीक्षा परिणामों पर सरकार के संभावित फैसले पर टिकी हुई है।



