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यमुनानगर में नशे के खिलाफ हजारों लोगों ने लगाई एकजुटता की दौड़

यमुनानगर
 नजर जहां तक गई, वहां तक धावक ही धावक दिखाई दिए। मटका चौक से निकली पांच और 10 किलोमीटर की मैराथन में हजारों युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और खिलाड़ियों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर दौड़ लगाई।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नशे से जंग, यमुनानगर के संग' अभियान के तहत मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद वह स्वयं भी कुछ दूर तक धावकों के साथ दौड़े। मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा व पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर अन्य अतिथियों ने करीब 1.50 क्विंटल फूल बरसाकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। पूरे मार्ग पर तालियों और नारों के बीच धावकों का स्वागत हुआ।

दौड़ शुरू होने से पहले मटका चौक पर प्रतिभागियों की एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई। सड़क का हर हिस्सा सफेद रंग टी-शर्ट पहने धावकों से भर गया। हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से आए खिलाड़ियों ने भी मैराथन में भाग लिया। पांच और 10 किलोमीटर की दौड़ में हर आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

प्रतियोगिता में बाहरी राज्यों के खिलाड़ियों का दबदबा भी रहा। 10 किलोमीटर पुरुष वर्ग में दो पुरस्कार उत्तर प्रदेश के धावकों ने जीते, जबकि महिला वर्ग में एक पुरस्कार लखनऊ की धाविका के नाम रहा। इससे प्रतियोगिता में कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

मैराथन के दौरान देशभक्ति गीतों और हरियाणवी धुनों ने माहौल को जोश से भर दिया। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुति दी। पंजाबी गायक सती संतविंद्र ने 'छोरा हरियाणा का गीत सुनाया तो युवा झूम उठे। ढोल-नगाड़ों की थाप और तालियों की गूंज पूरे मार्ग पर सुनाई देती रही।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। इससे मुकाबला जनभागीदारी से ही संभव है। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। साथ ही अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश भी दिया।

मैराथन मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल, चिकित्सा टीमें और एंबुलेंस पूरे रूट पर तैनात रहीं। जगह-जगह पेयजल, फल और अन्य खाद्य सामग्री के स्टाल लगाए गए थे। स्वयंसेवकों ने धावकों की हर संभव सहायता की।

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