नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर दिल्ली सरकार द्वारा घोषित पहला मेट्रो मंडे आज है। सरकार ने जिस तरह से मेट्रो मंडे का प्रचार किया है और आम लोगों ने भी अपना निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन सेवा का उपयोग करने का अनुरोध किया है।
इससे मेट्रो में यात्रियों की भीड़ बनने की संभावना है। इसे देखते हुए डीएमआरसी सोमवार को अतिरिक्त छह मेट्रो चलाएगी जो अतिरिक्त फेरे लगाएंगी। डीटीसी की सभी 6300 बसें सड़कों पर होंगी। वहीं सरकारी 29 सरकारी कॉलोनियों से कर्मचारियों को मेट्रो स्टेशन तक लाने के लिए 58 बसों को लगाया गया है।
मकसद यह है कि कर्मचारी और अधिकारी अपनी कॉलोनी से मेट्रो तक आराम से पहुंच सकें और मेट्रो से सफर करें। आम जनता से भी सरकार ने अपील की है कि वे भी अभियान में पूरी तरह से साथ दें। मेट्रो मंडे में अधिकारियों के साथ साथ दिल्ली सरकार के मंत्रियों के भी मेट्रो में सफर करने की संभावना है।
सार्वजनिक परिवहन सेवा के रूप में सरकार के पास हैं ये इंतजाम
मेट्रो
मेट्रो का 416 किलोमीटर लंबा नेटवर्क है। 303 स्टेशन और 343 ट्रेनों के साथ प्रतिदिन 4,500 से अधिक फेरे संचालित होते हैं। प्रतिदिन दिल्ली सहित नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और बहादुरगढ़ सहित क्षेत्रों के 65 लाख से अधिक यात्री मेट्रो का उपयोग कर रहे। दिल्ली मेट्रो की विभिन्न लाइनें राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक, शैक्षणिक, आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ती हैं।
बस
वर्तमान में दिल्ली में डीटीसी की कुल 6,300 सक्रिय बसों का बेड़ा संचालित हो रहा है, जिनमें 4,538 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इनमें 9 मीटर श्रेणी की 1,593 देवी बसें, 12 मीटर श्रेणी की 2,845 इलेक्ट्रिक बसें तथा 100 फीडर बसें शामिल हैं। एनसीआर क्षेत्र के लिए भी दिल्ली से रोहतक, सोनीपत, पानीपत, धारूहेड़ा और बड़ौत के लिए डीटीसी की ई बसें चल रही हैं।
प्रधानमंत्री की अपील और दिल्ली सरकार के घोषित मंडे मेट्रो को देखते हुए डीएमआरसी ने सोमवार को फेरे बढ़ाने सहित कई जनहितकारी फैसले लिए हैं। डीएमआरसी 18 मई से प्रत्येक सोमवार को छह अतिरिक्त ट्रेनों से 24 अतिरिक्त ट्रेन फेरे चलाएगी। अन्य दिनों में भी आवश्यकतानुसार फेरे बढ़ाए जाएंगे।
डीएमआरसी हर सोमवार को अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात करेगी। टिकटिंग की सुविधा बढ़ाई जाएगी और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सर्विस को मजबूत किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों में सार्वजनिक वाहनों को बढ़ावा देने के मकसद से कई अन्य कदम भी उठाए जाएंगे। भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा स्टाफ तैनात किया जाएगा, अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले जाएंगे, अतिरिक्त डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर चालू किए जाएंगे।



