छत्तीसगढ़

CG-12 दिन बाद मिला लापता परिवार.. 72 लाख की बीमा राशि पाने के लिए रची थी साजिश..कार को जलाया और परिवार समेत हो गया लापता..

कांकेर

कार में जले परिवार की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने कार सवार सभी चार लोगों को सकुशल बरामद कर लिया हैं। व्यापार में घाटा होने के चलते 35 लाख का कर्जा होने पर व्यापारी परिवार ने खुद ही कार में जलकर मरने की कहानी रची थी, ताकि इंश्योरेंस की 72 लाख रुपये की राशि उन्हें प्राप्त हो जाए और वह 35 लाख का कर्जा पटा सके। पुलिस ने इस रहस्यमई गुत्थी को सुलझाने के लिए 5 टीमों का गठन किया था जिसका नेतृत्व खुद एसपी शलभ सिन्हा कर रहे थे। जांच के क्रम में पुलिस ने 9 लाख नंबरों की जांच की वह 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का अवलोकन कर 300 धर्मशाला व होटलों मे चेकिंग अभियान चलाया।

समीरन सीकदार एवं उसकी पत्नी जया सीकदार से पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से व्यापार में नुकसान के चलते वे परेशान थे इसी दौरान उन्होंने पूरे परिवार का इंश्योरेंस भी कराया था। बीमा पॉलिसी के अनुसार मृत्यु होने पर 72 लाख रुपये का भुगतान होने का प्रावधान था। इसी लालच में गायब होने व मृत्यु का षड्यंत्र रच कर परिजनों के माध्यम से बीमा राशि प्राप्त करने की योजना बनाई थी। बीमा राशि प्राप्त होने के बाद वे पखांजुर से दूर जाकर किसी नए स्थान पर नए सिरे से जीवन यापन करते। योजना अनुसार समीर सिकदार, पत्नी जया सिकदार दोनों बच्चों के साथ रायपुर आया और वापसी में धमतरी आशियाना लॉज में रुका। वहां रात्रि भोजन कर समीर सिकदार ने अपनी पत्नी एवं बच्चों को लाज में छोड़कर कार को लेकर चारामा पहुंचा। और पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा। योजनाबद्ध तरीके से पूर्व निर्धारित स्थल पर कार को पेड़ से टकरा कर खड़ा कर दिया और पेट्रोल छिड़क कर माचिस से आग लगा दिया। और पैदल खेत व जंगल के रास्ते चारामा पहुंचा। चारामा से बस में सवार होकर धमतरी पहुंचा और अपने परिवार को होटल आशियाना लाज से लेकर रायपुर चला गया। रायपुर में अजय फोटो स्टूडियो से फोटो लिया और बस में सवार होकर इलाहाबाद चला गया।

इलाहाबाद में 1 दिन रुका और दूसरे दिन ट्रेन में सवार होकर पटना गया। पटना में मोबाइल तथा दूसरे के नाम का चालू मोबाइल नंबर खरीदा और अपने मोबाइल पर दैनिक मोबाइल ऐप डाउनलोड कर कांकेर की खबरों से अपडेट होता। खबर देख कर उसे जानकारी मिली की उसके जिंदा रहने और दुर्घटना के बाद दूसरे दिन होटल से निकलने की सीसीटीवी फुटेज पुलिस की हाथ लग चुकी है। जिससे उसको बीमा की रकम प्राप्त करने की अपनी योजना विफल होती दिखी। तो वह पुलिस से बचने के लिए पटना से गुवाहाटी चला गया वहां होटल में रुका रहा और लगातार ऑनलाइन न्यूज़ ऐप के माध्यम से कांकेर की खबर देखता रहा। उसे डर हो गया था कि कांकेर पुलिस जल्द ही उसके पास पहुंच जाएगी। वह घूम फिर कर गुवाहाटी से संबलपुर आ गया और संबलपुर से प्राइवेट टैक्सी में पखांजूर पहुंचा। और अपने फार्म हाउस में छुपा हुआ था। इस दौरान उसने अपने भाई से फोन नंबर से संपर्क किया। पुलिस ने उसके परिजनों के नंबर को भी सर्विलांस में डाला था। नए नंबर से भाई के मोबाइल पर कॉल आता देख पुलिस सक्रिय हो गई और मोबाइल का लोकेशन लेकर समीरन सिकदार के फार्म हाउस पहुंच गई वहां पूरा परिवार सकुशल मिला। पुलिस से पूछताछ में समीरन ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।अंतत: लापता युवक ने बीमा राशि नही मिलने पर स्वत: ही पुलिस को फोन कर आत्मसमर्पण कर दिया है।

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