
नई दिल्ली
टेरर फंडिंग के मामले में दोषी कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है . मलिक की सजा पर बुधवार को बहस पूरी हो गई थी .यासीन मलिक ने माना था कि वह आतंकी गतिविधियों में लिप्त था. उसने यह भी अदालत में कुबूल किया था कि वह आपराधिक साजिशों में शामलि रहा है. उसके खिलाफ लगाई गई देशद्रोह की धाराएं सही हैं. यासीन मलिक ने सुनवाई की आखिरी तारीख पर अदालत के सामने कहा था कि वह धारा 16, 17, 18 और यूएपीए की धारा 20 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 124-ए सहित अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के खिलाफ केस नहीं लड़ेगा.कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को टेरर फंडिंग के आरोपों में पटियाला कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैसाथ ही साथ 10 लाख का जुर्माना भी देना होगा . आतंकी घटनाओं में फिंंडंग करने का भी उस पर गंभीर आरोप हैसजा सुनाने से पहले कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था. सुरक्षा के वहां तगड़ा प्रबंध किया गया था। तिहाड़ जेल के बाहर भी पुलिस का पहरा था.



