सीरियल ‘तुम देना साथ मेरा है’ के लेटेस्ट एपिसोड की शुरुआत अपराजिता और ललित के आमने-सामने आने से होती है. अपराजिता घबरा जाती है. रामगोपाल साफ कर देते हैं कि वह अपनी बेटी के फैसले के साथ हैं और ललित को उसकी जिंदगी में नहीं आने देना चाहते. हालांकि मालती चाहती है कि ललित को एक मौका मिले और वह अपराजिता से बात कर सके. दूसरी ओर ललित को पूरा भरोसा है कि मालती उसका साथ देगी और वह अपराजिता तक पहुंच जाएगा.
रक्षित ने बताई अपराजिता की सच्चाई
रक्षित अपने दोस्त दुबे को अपराजिता की पूरी स्थिति बताता है. वह कहता है कि पहले उसे लगता था कि अपराजिता अपनी शादीशुदा जिंदगी में खुश है, लेकिन अब उसे सच्चाई समझ आ गई है कि ललित सिर्फ दिखावा कर रहा था. रक्षित यह भी बताता है कि अपराजिता के पैनिक अटैक की असली वजह ललित है. इस पर दुबे कहता है कि असली इंसान वही होता है जो महिलाओं का सम्मान करे. वहीं रक्षित अपराजिता की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहता है.
ऑफिस में अपराजिता पर उठा सवाल
अगले दिन मालती, रक्षित को कार में सोते हुए देखती है और उसे समझाती है कि उसे अपराजिता से दूरी बनाए रखनी चाहिए. रक्षित फिर भी उसकी मदद को लेकर चिंतित रहता है. बाद में जब अपराजिता ऑफिस पहुंचती है तो उसे सहकर्मी सहानुभूति की नजरों से देखते हैं. इससे वह नाराज हो जाती है और रक्षित पर आरोप लगाती है कि उसने उसकी निजी बातें सबके सामने बता दी. आने वाले एपिसोड में अपराजिता, रक्षित को धन्यवाद देती है और खुद को “अपराजिता 2.0” कहती है. इसी बीच उसे पता चलता है कि ललित और उसकी मां उसके पड़ोस में रहने आने वाले हैं.



