बिलासपुर/गरियाबंद। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की मजबूत मौजूदगी और ग्रामीणों का भरोसा जीतने की रणनीति को अब सम्मान मिलने जा रहा है। बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग को उनकी उल्लेखनीय सेवा के लिए सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा।
रामगोपाल गर्ग वर्ष 2011 से 2013 तक गरियाबंद के एसपी रहे। उस दौरान जिले के कई इलाकों में नक्सल गतिविधियां चुनौती बनी हुई थीं। गर्ग ने नक्सल समस्या से निपटने के लिए केवल पुलिस ऑपरेशन पर निर्भर रहने के बजाय जंगलों के भीतर सुरक्षा बलों की स्थायी मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति तैयार की।
इस रणनीति के तहत गरियाबंद के दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चार सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए। इससे सुरक्षा बलों की जंगलों के भीतर पहुंच मजबूत हुई और नक्सलियों की गतिविधियों पर दबाव बढ़ा। साथ ही ग्रामीणों के साथ पुलिस और सुरक्षा बलों का संपर्क बढ़ाकर उनका भरोसा जीतने पर भी जोर दिया गया।
समय के साथ गरियाबंद में तैयार यह रणनीति नक्सल प्रभावित अन्य इलाकों तक भी पहुंची। सुरक्षा बलों की कैंप आधारित मौजूदगी बढ़ने से बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों में भी अभियान को मजबूती मिली।
अब इसी रणनीतिक सोच और उल्लेखनीय सेवा के लिए IG रामगोपाल गर्ग को सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके व्यक्तिगत योगदान के साथ नक्सल विरोधी अभियान में अपनाई गई दीर्घकालिक रणनीति की पहचान भी माना जा रहा है।



