छत्तीसगढ़

IGKV में एक और पेपर लीक का मामला, परीक्षा रद्द; सितंबर के पहले सप्ताह में होगी दोबारा परीक्षा..

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक का एक और मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 7 अगस्त 2026 को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय की परीक्षा को भी निरस्त करने का फैसला लिया है। यह जानकारी 20 अगस्त को हुए पेपर लीक मामले की पुलिस जांच के दौरान सामने आई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने रविवार को आपात बैठक बुलाई। बैठक में परीक्षाओं की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।

20 अगस्त की परीक्षा भी हो चुकी है रद्द

इससे पहले 20 अगस्त को बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्न पत्र लीक होने का मामला सामने आया था। इस मामले में रायपुर पुलिस की जांच के दौरान कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया है। विश्वविद्यालय ने संबंधित छात्रों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

दो परीक्षाएं अब सितंबर में होंगी

विश्वविद्यालय ने 20 अगस्त के एंटोमोलॉजी और 7 अगस्त के प्लांट पैथोलॉजी दोनों प्रश्न पत्रों को निरस्त कर दिया है। अब दोनों परीक्षाएं सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी।

भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग को भी परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में लापरवाही के मामले में नोटिस जारी किया गया है। वहां तैनात विश्वविद्यालय के ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस देने का निर्णय लिया गया है।

पेपर लीक रोकने के लिए बदली व्यवस्था

विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया है। अब प्रश्न पत्रों को हार्ड कॉपी में भेजने के बजाय पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल के जरिए संबंधित महाविद्यालयों को भेजा जा रहा है।

22 अगस्त को सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का प्रश्न पत्र संबंधित कॉलेजों को सुबह 9:30 बजे ईमेल के माध्यम से उपलब्ध कराया गया था। सोमवार 24 अगस्त की परीक्षाओं में भी इसी व्यवस्था को अपनाने का निर्णय लिया गया है।

CCTV और आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी निगरानी

विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग और परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा भविष्य की परीक्षाओं को और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और लीक-रोधी बनाया जाएगा।

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