बीजापुर। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में इसे बड़ी जीत माना जा रहा है। 30 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। सरेंडर करने वाले 30 नक्सलियों में से 20 नक्सलियों के सिर पर इनाम घोषित था।10 लंबे समय से माओवादी संगठन के सक्रिय मेंबर थे। माओवादी विचारधारा से परेशान होकर नक्सलियों ने सरेंडर का फैसला किया है।
81 लाख रुपये का था इनाम अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों के सिर पर 81 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वालों ने एक नक्सली संगठन का नेता भी शामिल है। उसके सिर पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारियों ने बताया कि इसमें डीवीसीएम सोनू हेमला उर्फ कोरोटी ने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया।
पुनर्वास नीति का असर और विकास की गति बनी निर्णायक कारक
नक्सलियों के आत्मसमर्पण के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जैसे सुरक्षा बलों की सक्रियता और नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना, सडक़ों का विस्तार, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहुंच, शासन की नियत नेल्लानार योजना के तहत रोजगार, शिक्षा और मुलभुत सुविधाओं का विस्तार तथा संगठन में आंतरिक कलह, विचारधारा से मोहभंग और शोषण शामिल है।



