छत्तीसगढ़

विधायक देवेंद्र यादव की आज पेशी: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी सुनवाई, पुलिस ने चालान पेश नहीं किया तो, 3 दिन बढ़ सकती है रिमांड..

बलौदाबाजार। भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की न्यायिक रिमांड आज खत्म हो रही है। इस बार भी उनकी कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी। ऐसी संभावना है कि देवेंद्र यादव की रिमांड 3 दिन और बढ़ाई जा सकती है।

विधायक देवेंद्र के वकील आज दलील में चालान पेश कराने को लेकर जोर देंगे। इसके बाद ही वे जमानत याचिका दायर कर करेंगे। देवेंद्र यादव को पुलिस ने 17 अगस्त को भिलाई से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही वह जेल में हैं। कोर्ट ने पहले 20 अगस्त और फिर 7 दिन की रिमांड और बढ़ा दी थी।

90 दिन के भीतर पेश करना होगा चालान

पुलिस प्रशासन को 90 दिन के भीतर ही चालान पेश करना है। देवेंद्र के वकील का कहना है कि पुलिस की ओर से अब तक उन्हें FIR की कॉपी नहीं मिली है। इसलिए जरूरी है कि पुलिस जल्द से जल्द कोर्ट में चालान पेश करे।

इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने दुर्ग-भिलाई का रीजनल पेपर और रोजाना वकील से मुलाकात/वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मांग की थी। इसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था।

देवेंद्र के खिलाफ हमारे पास गवाह- पुलिस

बलौदाबाजार पुलिस के एक उच्चाधिकारी की माने तो पुलिस के पास देवेंद्र के खिलाफ गवाह हैं। कुछ लोगों के बयान हैं। इसके अलावा पुलिस के पास कुछ वीडियो भी हैं। इसको आधार बनाकर उन पर कार्रवाई की जा रही है।

बलौदाबाजार हिंसा मामले में हुई है विधायक की गिरफ्तारी

विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी बलौदाबाजार हिंसा मामले में हुई है। उन पर लोगों को भड़काने का आरोप है। इस मामले में बलौदाबाजार पुलिस ने 4 बार नोटिस जारी किया, लेकिन विधायक ने बयान देने जाने से मना कर दिया था।

उन्होंने कहा था कि पुलिस को बयान लेना है, तो उनके पास और लेकर जाए। कलेक्ट्रेट आगजनी मामले में पूछताछ के लिए तीसरा नोटिस मिलने पर देवेंद्र यादव ने बलौदबाजार जाकर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात भी की थी।

3 मामलों की एक साथ चल रही जांच

देवेंद्र यादव के खिलाफ बलौदाबाजार हिंसा का पहला मामला जांच में नहीं है, उनके खिलाफ कोयला घोटाला और कथित MMS मामले की भी जांच चल रही है। कुछ दिन पहले भिलाई नगर पुलिस ने भी उन्हें नोटिस जारी कर फोटो वीडियो के लिए थाने बुलाया था।

देवेंद्र वहां भी दोबारा बयान दर्ज कराने नहीं गए। उन्होंने कहा वह थाने जाकर अपना बयान एक बार दे दिए हैं। लिखित में भी दिया है कि जांच में जो भी आगे पूछताछ या जानकारी चाहिए, उनके कार्यालय में आकर ले लें।

 

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