कांकेर। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के पिपली बुर्गी क्षेत्र में नक्सली संगठन के नाम पर लगाए गए बैनर-पोस्टर फर्जी निकले हैं। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए भाजपा नेता शिवा अनिल मिस्त्री और उसके सहयोगी रंजीत मलिक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने इलाके में दहशत का माहौल बनाने और लोगों को डराने के उद्देश्य से फर्जी नक्सली बैनर लगाया था। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को पिपली बुर्गी से करीब 5 किलोमीटर दूर एक साइनबोर्ड के नीचे लाल कपड़े का संदिग्ध बैनर मिला था। बैनर में नक्सली संगठन के नाम से धमकी दी गई थी।
पूछताछ में सामने आया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 48 वर्षीय शिवा मिस्त्री और 25 वर्षीय रंजीत मल्लिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की।
बताया गया है कि शिवा मिस्त्री कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 24 इरपानार से निर्वाचित सदस्य है और महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाके में खनन कंपनी के लिए पोकलेन मशीन व परिवहन का काम करता था।
अफवाहों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। गढ़चिरौली पुलिस ने लोगों से फर्जी नक्सली पोस्टर, अफवाहों और भ्रामक गतिविधियों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही दहशत फैलाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।



