छत्तीसगढ़

रायपुर में आज भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, सोने की झाड़ू से निभाई जाएगी ‘छेरापहरा’ परंपरा..

रायपुर। राजधानी रायपुर में आज भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और परंपरा के साथ निकाली जाएगी। शहर के प्रमुख जगन्नाथ मंदिरों से निकलने वाली इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। रथयात्रा को लेकर मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से आकर्षक रूप दिया गया है, वहीं प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं।

रथयात्रा की सबसे खास परंपरा ‘छेरापहरा’ होगी, जिसमें महाप्रभु के रथ के मार्ग की सफाई साधारण झाड़ू से नहीं, बल्कि करीब सवा किलो वजनी दो सोने की झाड़ुओं से की जाएगी। परंपरा के अनुसार एक झाड़ू राज्यपाल और दूसरी मुख्यमंत्री के हाथ में होगी। दोनों महाप्रभु के रथ के आगे झाड़ू लगाकर पुरी की सदियों पुरानी इस परंपरा का निर्वहन करेंगे।

फूलों से सजे मंदिर, ओडिशा के कलाकारों ने बढ़ाई भव्यता

रथयात्रा से पहले रायपुर के विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। ओडिशा से आए कलाकारों ने पारंपरिक शैली की पेंटिंग और आकर्षक सजावट के माध्यम से मंदिरों और रथों को पुरी की तर्ज पर तैयार किया है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा-अर्चना एवं सभी धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न कराने के लिए ओडिशा से विशेष पुजारियों को भी आमंत्रित किया गया है।

500 साल पुराना है टुरी-हटरी का जगन्नाथ मंदिर

रायपुर की पुरानी बस्ती स्थित टुरी-हटरी जगन्नाथ मंदिर शहर के सबसे प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है। करीब 500 वर्ष पुराने इस मंदिर को पहले ‘साहूकार मंदिर’ के नाम से जाना जाता था। अग्रवाल परिवार द्वारा निर्मित इस मंदिर में बाद में भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा स्थापित की गई, जिसके बाद यह जगन्नाथ मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ।

मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ के अलावा श्रीराम दरबार, दो शिव मंदिर, संतोषी माता मंदिर, गरुड़ मंदिर और संकटमोचन हनुमान मंदिर भी स्थापित हैं, जिससे यह परिसर सालभर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है।

घर से निकलने से पहले देखें ट्रैफिक व्यवस्था

रथयात्रा के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले रथयात्रा के रूट और ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी जरूर लें तथा ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

आस्था, परंपरा और संस्कृति के इस महापर्व को लेकर राजधानी रायपुर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबी हुई है। हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए उत्साहपूर्वक रथयात्रा में शामिल होंगे।

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