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ज्ञानवापी विवाद में सुलह की उम्मीद, मुस्लिम पक्ष ने बातचीत के लिए दिखाई सहमति

वाराणसी
 ज्ञानवापी विवाद में मीडिएशन को लेकर नया मोड़ आ गया है. अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी अब मीडिएशन की बैठक में शामिल होगी. इससे पहले कमेटी ने बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था. कमेटी के वकील रहीस अहमद ने कहा कि कमेटी मीडिएशन की प्रक्रिया में शामिल होगी. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह ज्ञानवापी मस्जिद पर अपना दावा छोड़ रही है. उन्होंने साफ कहा कि कमेटी अपने कानूनी अधिकारों और अपने पक्ष पर पहले की तरह कायम रहेगी। 

बताया जा रहा है कि ज्ञानवापी विवाद से जुड़े चार मामलों में मीडिएशन की बैठक होनी है. इस बैठक का मकसद दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालने की कोशिश करना है. मस्जिद पक्ष के इस फैसले को मामले में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. अब सभी की नजर मीडिएशन बैठक पर रहेगी कि बातचीत से कोई हल निकलता है या फिर मामला पहले की तरह अदालत में ही आगे बढ़ेगा. यह बैठ मंगलवार यानि कि आज 14 जुलाई को दिन में डेढ़ बजे बैठक होगी। 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में जिला जज ने ज्ञानवापी के मुकदमों को सुलह के जरिए समाधान को मध्यस्थता केंद्र में भेजा है। मध्यस्थता केंद्र ने सभी पक्षकारों को नोटिस के जरिये 14 जुलाई (मंगलवार) को वार्ता में शामिल होने की सूचना दी है। सोमवार को अंजुमन के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने पत्र जारी कर कहा कि गहन विचार-विमर्श के बाद अंजुमन ने प्रस्तावित मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल नहीं होने का निर्णय किया। लिहाजा, उसने खुद को इससे अलग रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि देश की तमाम अदालतों में लाखों मुकदमे लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनका बोझ कम करने के उद्देश्य से सुलह-समझौते से वादों के निस्तारण की पहल की है। इसमें ज्ञानवापी प्रकरण सरीखे अतिसंवेदनशील मसले को भी शामिल कर लिया गया। मसले का हल कोर्ट से ही निकलेगा। उधर, समिति के अधिवक्ता मोहम्मद रईस औऱ मोहम्मद मुमताज ने बताया कि मध्यस्थता में वह अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद की ओऱ से अपना पक्ष रखने के लिए शामिल होंगे।

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